शनिवार, 31 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरा खुशहाल हो नया साल वैष्णो माँ तेरी किरपा से,
कुछ हो जाये नया कमाल वैष्णो माँ तेरी किरपा से,
माँ रहमत हो तेरी फिर तो बिगड़ी भी संवर जाये,
घर में खुशियों का हो धमाल वैष्णो माँ तेरी किरिपा से। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------जय जय माँ
नया साल मुबारखबाद हो -----------happy new year

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016

दर्द दिल का बढ़ रहा कोई दवा तो कर,
गर दवा मिलती नही कोई दुआ तो कर,
हादसों से डर रहा बेचैन दिल मेरा,
दोस्ती का हक जरा अब तू अदा तो कर। रैना"

बुधवार, 28 दिसंबर 2016

सितारे तोड़ने की सोचता रहता,
ज्यादा जोड़ने की सोचता रहता,
कहे मन चल सही रस्ते सदा रैना"
उसे मैं मोड़ने की सोचता रहता। रैना"
चढे दिन ही शाम का फ़िक्र कर,
हर महफ़िल में उसका जिक्र कर,
जिंदगी का कुछ मकसद है जान,
बेपरवाह इधर की न उधर कर। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
ढूंढता मन सवेरे को,
माँ दूर करो अँधेरे को,
बस यही अरमान है माँ,
तेरे दर्शन हो मेरे को। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

रविवार, 25 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ तेरा सहारा मांगते है,
दिलकश नजारा मांगते है,
जीवन की नैया डोल रही,
हाथ जोड़ किनारा मांगते है। रैना"

शनिवार, 24 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरे दर्शन की अभिलाषा है,
मेरा मन माँ अति प्यासा है,
नाम का जाम पिला दे माता,
मुझे अब करनी दूर निराशा है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

मैं तो पानी हूं रवां रहना फितरत मेरी,
बस इतना फर्क बदलती न सूरत मेरी,
खुद को इस कदर तराश रहा है ""रैना"
हर किसी को होगी फिर जरूरत मेरी।रैना"  
खोटे सिक्के हैं फिर भी खुद को उछाला हमने,
गिरने से खुद को कई बार है सम्भाला हमने,
किसी के सामने सिर कभी झुकने नही दिया,
सच कहना सुखी रहना ये शौंक पाला हमने। रैना"

गुरुवार, 22 दिसंबर 2016


दोस्तों पढ़ना जरा गौर से
बैठ अरमानों के संग सारी रात रोना हुआ,
शब गुजारी आंखों में न इक घड़ी सोना हुआ।
चाहत कुँआरी रह गई मेहंदी लगी है हाथों में,
किसी को पाने के लिये खुद ही खोना हुआ।
याद ने जब आ के दस्तक दी दिल के द्वार पे,
आंसुओं की धार से फिर दागे दिल धोना हुआ।
डूबा गहरी सोच में खुद को तसल्ली दे रहा,
क्यों है तू परेशान रैना"जो लिखा होना हुआ।  रैना"@




बुधवार, 21 दिसंबर 2016

हवा चलती शमा जलती मुझे अहसास होता है,
नही है  दूर तू मुझसे खड़ा तो पास होता है। रैना"

अधूरे है यहां सारे नही पूरा हुआ कोई,
हुआ पूरा वही यारों चले जो चार कन्धों पे। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय
जो माँ मिले तेरा सहारा,
मिल जाये फिर किनारा,
तेरे दीद की तलब माँ जी,
मैं जपु माँ नाम तुम्हारा। रैना"
सुपभात जी ---जय जय माँ 
झूठ ने है इस कदर प्रभावित किया,
सच बोलो तो भी झूठ समझते लोग। रैना"

मिठ्ठा बोलना भी अब गुनाह हो गया,
भोले भाले को शातिर समझते हैं लोग। रैना"

मंगलवार, 20 दिसंबर 2016

कलम घिसना ही लिखना नही होता,
सोच समझ पते की बात कहो यारों। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ जी तेरी शान में लिखना है,
मगन तेरे ध्यान में लिखना है,
माँ रोशन कर मेरे मन का घर,
जब तक जान में जान लिखना है। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ


आजकल जो भी तनाव में रहते हैं,
अफ़सोस वो अब ग़ज़ल कहते हैं,
यारों सच में ग़ज़ल कहने वाले तो,
अक्सर लफ्जों के दरिया में बहते हैं। रैना"
अंधेरों से दोस्ती अपनी,
उजालों से दुश्मनी अपनी,
रही पाने की तमन्ना सी,
कटी ऐसे जिन्दगी अपनी। रैना"

सोमवार, 19 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे जीवन में कुछ आनन्द कर दे,
माँ थोड़ी सी ख़ुशी का प्रबन्ध कर दे,
महक जाये मेरी जिंदगी का हर पल,
माँ दूर मन के घर से दुर्गन्ध कर दे। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ

रविवार, 18 दिसंबर 2016

वीराने से घबराता नही नजारों से डर के रहता हूं,
कातिलों का खौफ नही गद्दारों से डर के रहता हूं,
दुश्मनों की गली से सम्भल के निकल जाता हूं,
पीठ में ख़ंजर न घोप दे प्यारों से डर के रहता हूं। रैना"
ये मत पूछो हम क्या कमा रहे है,
नेकियों से खजाना भरते जा रहे हैं। 
तू फूल है थोड़ा और निखर जा,
शुश्बू बन के हवा में बिखर जा,
सरे शहर में चर्चा कुछ कर ऐसा,
रह ले यहां फिर चाहे तू उधर जा।रैना"  
इक सूफी रचना दोस्तों के लिए

सुन मैं रिन्द तू साकी है,
अब दूर करनी उदासी है।
जी भर के पिला मुझको,
पीने की हसरत बाकी है।
देखू तो है जायका कैसा,
मैंने अब तक न चाखी है।
दिल के घर में तू रहता,
मेरा जन्मों का साथी है।
चेहरे से हटा ले चिलमन,
तुझको शर्म क्यों आती है।
बेशक ये अहसास मुझको,
रैना"इक दीया तू बात्ती है। रैना"
 रिन्द =शराबी,  साकी =पिलाने वाला
जायका =स्वाद ,चिलमन =पर्दा




ज्यादा दिन न ठिकाना इस बस्ती में,
जो बचे काट ले दिन अब तू मस्ती में.रैना" 

शनिवार, 17 दिसंबर 2016

चिराग़ लड़ रहा अंधेरों से,
अफ़सोस हवा से डरता है। रैना"

वैष्णो माँ की जय
माँ करदे कर्म
दूर करदे गम,
परेशान है हम,
माँ आंखें नम,
ये जानते हम,
तेरे दम से दम। रैना"
सुप्रभात जी --
जय जय माँ  
इक तू ही जो कायम रहेगा यहां,
सब को जाना तेरा शहर छोड़ कर। रैना"
दर्द दिल में होता रहा है उम्र भर,
इक सूरत ने ताउम्र सोने न दिया। रैना"
कुछ रहे न बाकी सबकुछ बन्द करदो,
सब के रहने खाने सोने का प्रबंध करदो,
पढ़ाई लिखाई और मुफ्त करो उपचार,
मोदी जी  देश में भरपूर  आंनद करदो। रैना"

शुक्रवार, 16 दिसंबर 2016

चढ़े दिन की मस्ती में चूर हम रैना"
अंधेरी रात का करते फ़िकर ही नही। रैना"

कल के लिये सोचा न गया,
दिल मचलता रोका न गया।
आबाद होते


मतलब के लिये दोस्ती मोहब्बत प्रेम है,
रंग बदलते लोग मौसम को देख कर। रैना"

लोग अपने गिरेबान में झांकते ही नही,
दूसरे की कमी ढूंढने में लगे ही रहे। रैना"

दास्ता अपनी वो खुद ही कहते हैं,
इस शहर में कुछ गद्दार रहते है। रैना"

गुरुवार, 15 दिसंबर 2016

सितारें तोड़ने की लगी रही,
खुद से मिलने की फुरसत न मिली। रैना"

अब हमें इतना सा काम है,
हर लम्हा कलम के नाम है। रैना"

बेदर्द जमाने से दवा मांगता रह गया,
अपने भी गुजरे पास से मुंह फेर कर। रैना"




मंगलवार, 13 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
कबूल कर ले माँ तू मेरी दुआ,
कम कर दे जो लिखी है सजा,
जब तक  करोगी न नजरे कर्म,
असर तब तक न करेगी दवा। रैना"
सुपभात जी -----जय जय माँ 
जीवन को खुश गवार किसी ने नही किया,
यूं खुद से इश्क प्यार किसी ने नही किया।
दावा करे तमाम मुलाकात उस से की,
सच में दीदारे यार किसी ने नही किया।
बेशक उससे मिलन की चाह सी रही,
लेकिन सब्र इन्तजार किसी ने नही किया।
है झूठ पसंद लोग सच से खफा खफा,
आबाद वो संसार किसी ने नही किया।
कब शाम हो हसीन रहती ये खबर नही,
काली रात का उपचार किसी ने नही किया।
रैना"तमाम लोग भटकेगे यहां वहां,
अब तक भव को पार किसी ने नही किया। रैना"
अधूरे सफर दा अधूरा मुसाफिर हां मैं,
ओ माफ़ न करेगा क्योंकि काफिर हां मैं। 
इतने करीब साहिल नही होता,
हर इक इंसान काबिल नही होता,
बेशक मंजूर है मेहनत उसको,
यूं तो मुकाम हासिल नही होता।रैना"


तेरे घर खत्म होता रास्ता मेरा,
तुझी से है सनम अब वास्ता मेरा,
बिना पंख उड़ रहा आराम से रैना"
तेरे दम से ही कायम हौसला मेरा। रैना"

सोमवार, 12 दिसंबर 2016

कब से बुला रहे है तुम्हे,
तुम क्यों सुनते ही नही। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ हमको तेरा प्यार मिला,
खुशियों का है संसार मिला,
इस को भी माफ़ करदे माँ,
जो दुःख है इस बार मिला। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

रविवार, 11 दिसंबर 2016

नाम मोहब्बत का वफ़ा यारों,
लोग देते फिर भी दगा यारों। रैना"





मेरे बारे सोचा क्या है,
मेरा तुझ से रिश्ता क्या है।
हमने तुझ में रब देखा है,
तुझ को मुझ में दिखता क्या है।
समझे हम तो कैसे समझे,
तेरे दिल में चलता क्या है।
उठती दुर्गंध जी घबराये,
मेरे घर में जलता क्या है।
इन्सां गल्ती कब माने है,
उसने खुद का बदला क्या है।
परदे में हो कुछ तो बोलो,
तुझको हम से शिकवा क्या है।
तुझको "रैना"ने मिलना है,
क्यों रूठे हो मिलता क्या है। रैना"




गुरुवार, 8 दिसंबर 2016

वीराने में गुजरी है किसी की बहार में,
अपनी तो फ़क़त गुजरी है इंतजार में। रैना"

है उसी से यही तो गिला दोस्तों,
क्यों वफ़ा का जफ़ा है सिला दोस्तों। रैना"

बुधवार, 7 दिसंबर 2016

जो भी मिलता कहता पेट घटा ले तू,
माँ अक्सर कहती कुछ और खा ले तू। रैना"
दोस्तों क्या ये सच है
किसी बीमार की बंद दुकान होने लगी है,
ग़ज़ल भी आज कल बेजुबान होने लगी है,
नही अब बज़्म में कुछ मजा कहे तो किसे क्या,
करे क्या जिन्दगी इम्तहान होने लगी है। रैना" 
दोस्तों के लिए कुछ खास 

दोस्त दगा ऐसे न करो,
ऐसी ख़ता ऐसे न करो।  
होंगे न हम आबाद कभी,
दिल से जुदा ऐसे न करो,
बुझने लगी है आग लगी,
फिर से हवा ऐसे न करो। 
तक़दीर में उसने ये लिखा,
हरगिज गिला ऐसे न करो। 
सुन ले तबीबो दर्द मेरा,
मरहम दवा ऐसे न करो। 
हम बज़्म से उठ के चले,
रैना विदा ऐसे न करो। रैना"


शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरी रहमत की दरकार माता,
बख्शो चरणों का प्यार माता,
जीवन नईया डगमग डोल रही,
करो कृपा न टूटे एतबार माता। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

गुरुवार, 1 दिसंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मुझे पे तेरी किरपा करदे माँ,
तेरा भजन करू ये वर दे माँ,
मैंने सह लिये हैं दुखड़े बहुत,
अब झोली में खुशियां भर दे माँ।रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ   
गर प्यार करना फिर तो ऐसे निभाना होगा,
जब भी मिलो तो हंस के सीने लगाना होगा। 
करना नही तौबा कभी सुन जहाँ की बातें,
कुछ भी न 
खोल के मन की बात सबकुछ सुनाना होगा। 


बुधवार, 30 नवंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ तुम खफा क्यों दर्द मेरा जान जाओ,
बहुत दुःख सह लिया है अब देर मत लगाओ,
गम ने लगाये पहरे ख़ुशी दूर है हम से भागे,
करो नजरें कर्म मेरी माता गम को दूर भगाओ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ



तेरी तलब में हमने जिन्दगी गुजारी,
तुम हो खफा से रहते क्या ख़ता हमारी। 
दीप तो हम नही फिर भी जल रहे हैं,

मंगलवार, 29 नवंबर 2016

मेरी माँ हम पे तू उपकार करदे,
तेरे दर के भिखारी उद्धार करदे,
माफ़ कर दे गर ख़ता हुई हमसे,
दौरे मुश्किल से हमें बाहर करदे। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ


मैं ख्वाब की पतंग उडाता रह गया
मासूम बेचारी को सताता रह गया।  रैना"

सोमवार, 28 नवंबर 2016

नारी पे जिसने भी बुरी नजर डाली है,
उसने अपने घर को आग लगा ली है,
रावण दुर्योधन आसा राम या तेजपाल,
सब ने ही खुद अपनी अर्थी निकाली है।
नारी पूज्नीय ये आदि शक्ति का अंश है,
नारी के दम से तो आगे बढ़ता वंश है,
मां बहन बेटी बन बांटती ममता प्यार,
दुखी हो चंडी बन कभी करती विध्वंश है।
"रैना" नारी का जिसने भी मान बढ़ाया है,
उसने हर क्षेत्र में रुतबा अव्वल ही पाया है,
पुरुष प्रधान समाज फिर भी नही समझता,
ये विश्व आदि शक्ति मां की काया माया है। रैना"

वैष्णो माँ की जय
प्यार से बोलो जय माता,
मन के बन्द दरवाजें खोलो,
बोलो जय माता की।
सुप्रभात जी -- जय जय माँ 
मुझे  रास आ गया नोट बन्दी हो जाना,
करे बीवी तौबा तौबा नोट नही छुपाना।रैना"

रविवार, 27 नवंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी अर्जी करो स्वीकार माँ,
करो गुलशन मेरा गुलजार माँ,
तेरे दीदार की मोहे तलब,
सुनो विनती मेरी इक बार माँ। रैना"
सुप्रभात माँ -----जय जय माँ 

हमें मरना नही आता करो जीने का ढंग यारों,
लगे खाली सी तस्वीरें भरो खुशियों के रंग यारों,
यही दस्तूर है जग का न कमजोर का साथी,
चलोगे तान कर सीना जमाना चल दे संग यारों। रैना"
बुझदिलों से वास्ता रखना नही,
कौन जाने कब दगा है दे जाये। रैना"

रास है आई हमें बेवफाई,
छोड़ के जग अब उसी से लगाई।

इश्क से तौबा मेरी है दुहाई। 

;दिल लगाने की सजा मिल गई मुझको क़ज़ा,
हम किसी को क्या कहे है उसी की ये रजा। 

तुझ से मिलने की तमन्ना फिर अधूरी रह गई,
दूर बैठे तुम रहें क्यों 

शनिवार, 26 नवंबर 2016

देखिये ये कैसी विडम्बना है????
जिस देश में लोगों की आधी उम्र???
लाइनों में खड़े रहते गुजर जाती है,
वो लोग छोटी सी लाइन से घबरा गए।
रो रो कर कहते है हाय बुरे दिन आ गए,
बुरे नही अच्छे दिन आ रहे हैं,
जिससे भ्र्ष्टाचारी नेता घबरा रहे है।
याद करो पहले रसोई गैस सिलैण्डर के लिए?????
प्रात लाइन में खड़े हो जाते थे,
सिलैण्डर नही मिलता था???
 खाली हाथ घर आते थे,
अब कोई गैस एजेंसी पे जाता है,
सिलैण्डर आर्डर पे घर आता है।
चिन्ता न करो मोदी कुछ ऐसा कर दिखाएंगे,
बैंक मैनेजर पैसे देने एक दिन घर ही आएंगे।
भारत माता की जय,
जय माँ भारती,यही पूजा आरती।  रैना"





शुक्रवार, 25 नवंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय
कब होगा माँ उपकार तेरा,
हम तड़फे मिले न प्यार तेरा,
अपने चरणों से लगा ले माँ,
रास आया न हमें संसार तेरा। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ  
ये बोला कौन ?????
बेचारा मनमोहन,
जिसकी राहुल ने बोलती बन्द कर रखी थी,
चलो मोदी का नोट बंदी फार्मूला????
काम आया,
बेचारा मनमोहन मुंह खोल पाया।
वर्ना ये इतिहास बन जाता,
मनमोहन जी ने कभी मुंह नही खोला। रैना"

गुरुवार, 24 नवंबर 2016

दोस्तों आप से गुजारिश पढ़ना जरूर

खड़े जो देश हित में हो वही खुद्दार होते है,
करे जो बात मतलब की बड़े गद्दार होते हैं।
लगी है  नोट पे बन्दी परेशां हो गये नेता,
करे क्या नोट से ही वोट के व्यापार होते है।
भरे घर खूब नेता ने पड़ोसी भी न छोड़े हैं,
यही चिन्ता लगी है नोट अब बेकार होते है।
गले मिल रो रहे देखो कभी जो जान के दुश्मन,
बदल जाते ये गिरगट से बड़े फनकार होते हैं।
चला है तीर मोदी का मरे बेमौत काफी हैं,
यही अब देखना कितने दुखी लाचार होते हैं।
वतन से प्यार जो करते न होंगे बन्द में शामिल,
यही तो देखना कितने यहां खुद्दार होते हैं। रैना"




बुधवार, 23 नवंबर 2016

जय जय वैष्णो माँ
मैं बालक माँ तुझको पुकारू,
हरपल तेरी राह मैं निहारू,
मेरे मन की यही अभिलाषा,
दर्शन कर के जीवन सवारू। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ 
नोट की चोट से कुछ नेता घबरा गये,
चोर की दाड़ी के तिनके बाहर आ गये। रैना"
भूल जाने की खता कैसे करेंगे हम भला,
दिल मेरे में तू बसे है ये खबर तुझको नही। रैना"

मंगलवार, 22 नवंबर 2016

याद तेरी में सनम हम जागते हैं रात भर,
ख्याल तेरे ही जवां हम भागते हैं रात भर,
चोट दिल पे है लगी इसकी दवा भी है नही,
फरिश्तें घर का पता अब पूछते है रात भर। रैना"

सोमवार, 21 नवंबर 2016

अहसान चुकाया जाये न हरदेव तेरे अहसानों का,
मैं कैसे भला भूल जाऊ तू मुहाफ़िज़

शनिवार, 19 नवंबर 2016

मोदी जी ने कर दिया कमाल है ,
गद्दारों को कर दिया हलाल है।
घाटी में लौट आया आनन्द है,
पत्थरबाजी हो गई बन्द है।
बहुत खुश सारा हिंदुस्तान है,
सिर्फ हरामी चोर परेशान है।
बीच में मत छोड़ना सिरे लगाओ,
मोदी जी भारत नम्बर एक बनाओ,
युवाओं को खूब रोजगार दिलाओं,
कुत्ते हैं भौंकते इन से मत घबराओं।
आप के लिए बढ़ चूका एक एक हाथ है,
मोदी जी सारा भारत खड़ा आप के साथ है। रैना"

शुक्रवार, 18 नवंबर 2016

ध्यान देना
संभावना व्यक्त की जा रही है,
मोदी कुछ और भी कर के दिखायेगा,
दो हजार का नोट भी बन्द करवायेगा।
इसलिए पास उतने रखो जितने जरूरी है,रैना"
खूब खाये मौज उड़ाये कम बचाये 
पता नही ये नोट कब बंद हो जाये।रैना"
नोट छुपाने के नये प्रयोग हो रहे है,
देखिये तो चोर कैसे कैसे रो रहे है।रैना" 
नोट बन्दी का असर ऐसा हुआ है,
अमीर गरीब के नजदीक आ गये। रैना"

मंगलवार, 15 नवंबर 2016

आजादी की लहर चली है पीछे न कदम हटायेंगे,
काले अंग्रेजों से अब खुद को आजाद करवायेंगे।
इंकलाब के नारे अब गूंजेगे सारे हिन्दुस्तान में,
देश के गद्दारों को चुन कर भेजेंगे पकिस्तान में।
नोट बन्दी का तो काले अंग्रेज विरोध है कर रहे,
बेशक 70 सालों से जो नोटों से तहखाने भर रहे।
आओ देश वासियों आगे बढ़ाये इस अभियान को,
भ्र्ष्टाचार से मुक्त करे अब अपने प्यारे हिंदुस्तान को। रैना"
सन्तरे केले करेले खरबूज और तरबूज,
देखो एक बार में सारे छिल के रख दिये। रैना"

सोमवार, 14 नवंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
कर्म जो अच्छा करते माँ उनको गले से लगाती है,
दुःख पीड़ा हर लेती माँ जीवन को सफल बनाती है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ  
नोट बन्द,
फिर भी आनन्द,
देश सुधरे,
खुश परमानन्द।
दुखी बहुत हैं,
चोर नेता चन्द।
बेशक काले धन का,
मोदी ने किया प्रबंध। रैना"
मोदी जी के तिक्के
मोदी जी आप ने खूब कमाल कर दिया,
नेता का सारा कुनबा कंगाल कर दिया।
और नौकरों को है माला माल कर दिया। रैना"

मोदी जी आप ने क्या कलम चलाई है,
पहले 6 महीने तन्खाह न मिलती थी,
अब तीन महीने की एडवांस खाते में आई है। रैना"

मोदी जी आप ने प्यार के गुलगुले बरसाये है,
बहु बेटा वृद्धाश्रम से माँ बाप को घर ले आये है,
उनके नाम साढ़े चार लाख जमा करवाये है। रैना"

रविवार, 13 नवंबर 2016



वैष्णो माँ की जय जय
मंजिल ने जो पुकारा है मुझको,
तभी तो दुःख गवारा है मुझको,
मेरा रस्ता न कोई रोक सकता,
मेरी माँ का सहारा है मुझको। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


मेरा दिल बेकरार रहता है,
किसी का इन्तजार रहता है,
तुझे फुरसत नही मिले है क्यों,
अपना रोज एतवार रहता है। रैना"

अपने सच की गवाही न दे,
यहां हर कोई झूठ बोलता है। रैना"

भेड़ियों में रहना है तो भेड़िया बन जा,
वर्ना नोच कर खा जाये तेरे पालतू कुत्ते। रैना"

अब लगता है देश के गरीबों के चेहरे पे नूर आयेगा,
खाते में 15 लाख न आये पर जीने में सरूर आयेगा,
वास्तव में मोदी का 56 इंच फौलादी सीना है यार,
भारत अब विश्व में पहले नम्बर पे जरूर आयेगा। रैना"

बन्दगी का यही तो दस्तूर है,
मन पहले होता यूं चूर चूर है,
तप के लाल जब हुये सुखरू,
जिंदगी में आता तब सरूर है। रैना"

शनिवार, 12 नवंबर 2016

अब लोगों की ये फितरत आम है,
मन में खोट रखते होठों पे राम है,
यूं मतलब के लिये पैरों में लेटते,
भूलते वफ़ा जब निकले काम है। रैना"

मंगलवार, 8 नवंबर 2016

अक्सर दुःख सहते खुशियां बांटने वाले,
सिर पे चढ़ के बैठते तलवे चाटने वाले। रैना"

रविवार, 6 नवंबर 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय 

हे माँ अम्बे जय जगदम्बे मेरा अब कल्याण करो,
भटक रहे राहों से हम माँ मेरी कुछ तो ध्यान करो,
झूठ का साथी ये जग सारा किसी से कोई आस नही,
वैष्णो माँ तेरे दीद की हसरत पूरा मेरा अरमान करो। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ 
खुद्दारी की कहीं बात चली है,
गद्दारो में कुछ हलचल सी है। रैना"
मां की शान में चंद अल्फाज
रोता बच्चा बहलाती मां
खुद भूखी ही सो जाती मां।
मां की ममता मां ही जाने,
बच्चे पे सुख बरसाती मां।
अपना सुख बच्चों में बांटे,
देखो खुद पे इतराती मां।
बच्चों के खातिर सब करती,
हर मुश्किल से टकराती मां।
इस युग में मां की बेअदबी,
चुप ही आंसू पी जाती मां।
"रैना"सोचे मां के बारे,
है किस दुनिया से आती मां।रैना"

शनिवार, 5 नवंबर 2016

बेवजह अब हाथ कोई भी मिलाता नही,
चेहरे पे चेहरा बात वो बताता नही,
दोस्तों के लिए
सर्द मौसम में तंहा रोते कभी कभी,
हम बिछड़ के तुझ से तो सोते कभी कभी,
सोच कर यूं इसलिये हम चुप रहे सनम,
हादसे तो इस कदर होते कभी कभी।  रैना"

शुक्रवार, 4 नवंबर 2016

माँ मेरी अगर तू न मिली होती,
जीवन की कली न खिली होती। रैना"
वैष्णो माँ की जय
मेरी जीवन नईया डोल रही  माँ तुझको पुकारा करते है,
मेरे मन बसी माँ मूरत तेरी देख देख के नजारा करते है,
तेरे हवाले कर दी माँ  रैना" ने अपने जीवन की डोरी,
माँ वैष्णो तुम न रूठ जाना तेरे दम से गुजारा करते है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------जय जय माँ



दीपावली को रात में भी सवेरा रहा,
लेकिन मेरे दिल के शहर में अंधेरा रहा।
अफ़सोस तो ये दर्द बख्शा उसी ने मुझे,
दिल में मेरे जिसका कभी था बसेरा रहा।
हम हैं परेशां से दुखी इसलिये है गिला,
उसने किया है क़त्ल जो ख़ास मेरा रहा।
आबाद गुलशन हो न पाया उसे क्या कहे,
यूं पास हो कर भी दूर हम से नजारा रहा।
बेशक फकीरों का गुजर अब यहां हो नही,
तू छोड़ दे हठ बेवफ़ा अब क्या हमारा रहा। रैना" 

गुरुवार, 3 नवंबर 2016

माँ वैष्णो रानी की जय जय जय
माँ वैष्णो रानी उपकार कर दो,
अपने भक्तों को भव पार कर दो,
हम थक हार गये इन चक्करों से,
माँ अब की बार तो उद्धार कर दो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 


बुधवार, 2 नवंबर 2016

जय जय  माँ वैष्णो
गर खता मेरी मुझे बेशक सजा दे माँ,
है नही शिकवा तू चाहे तो कजा दे माँ,
ये जमाना झूठ को सच ही बना दे गा,
माँ सिर्फ इक बार तो जलवा दिखा दे माँ रैना"
सुपभात जी ---------------जय जय माँ 

मंगलवार, 1 नवंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय
मेरी माँ मोहे तेरा सहारा,
बड़ा मुश्किल हुआ गुजारा,
किसी ने भी हाथ न पकड़ा,
मैंने खोज लिया जग सारा। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 

रविवार, 30 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
यही हसरत तमन्ना माँ तूने उपकार करना है,
चमन वीरान मेरा माँ उसे गुलजार करना है,
तेरी कृपा बिना माता संभव कुछ भी न हो सकता,
करो नजरें कर्म  माता तेरा दीदार करना है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ

दीपावली को रात भर ही सवेरा रहा,
लेकिन मेरे दिल के शहर में अंधेरा रहा।
अफ़सोस तो ये दर्द बख्शा उसी ने मुझे,
दिल में मेरे जिसका कभी था बसेरा रहा।
हम हैं परेशां से दुखी इसलिये है गिला,
उसने किया है क़त्ल जो ख़ास मेरा रहा।
आबाद गुलशन हो न पाया उसे क्या कहे,
यूं पास हो कर भी दूर हम से नजारा रहा।
तेरे सिवा जो साथ होगा मेरे वो ख़ास हो,
बेशक फकीरों का 

शनिवार, 29 अक्टूबर 2016

आओ दिवाली कुछ ऐसे मनाये,
मन के घर में इक दीप जलाये।
दुनिया और भी प्यारी लगेगी,
मन का जब अन्धकार मिटाये।
इजहार ख़ुशी का न हो दिखावा,
दिल मिला के ही हाथ मिलाये।
श्री राम की रास्ते पे ही चलना,
झूठा न हम कभी स्वांग रचाये।
धन दौलत कुछ साथ न जाये,
अपने लिये भी हम कुछ कमाये।
रैना"मन के घर  दीप जला कर,
वैष्णो महारानी का ध्यान लगाये। रैना"
सुपभात जी ----हैप्पी दीवाली जय जय माँ

सारा शहर रोशन उजाला बहुत है,
फिर भी मेरा मन तो काला बहुत है। 

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2016

सोमवार, 24 अक्टूबर 2016

तू  पास दिल से दूर न कर,

रविवार, 23 अक्टूबर 2016

वैष्णो माता की जय जय जय
वैष्णो माँ के दर जो आता है,
मुंह मांगी मुरादे वो पाता है,
माँ वैष्णो के दर्शन के भक्तों,
मन का फूल  खिल जाता है।रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 


शनिवार, 22 अक्टूबर 2016

समझ पाना जमाने की अदा फितरत बड़ा मुश्किल,
दगा धोखा मिले जो पाक सी उल्फत बड़ा मुश्किल,
चढ़ा है चेहरे पे चेहरा रंग रूप है बदले,
इंसां इस सोच को बदले "बुरी आदत बड़ा मुश्किल।रैना"
वैष्णो माँ की जय जय माँ 
तलब है तेरे दर्शन की इक बार तो झलक दिखा दे माँ,
इक मुद्दत से हम भटक रहे मन की प्यास बुझा दे माँ,
माँ वैष्णो हम पे रहम करो मन को करार मिल जाये,
बीच मझदार किश्ती डोल रही भव से पार लगा दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------जय जय माँ  
विचलित हरगिज ख्याल न होता,
भूल जाता तू ऐसा हाल न होता।  
करम हम पे जो करता सनम तो,
ताल से हरगिज बेताल न होता। 
तेरे दिल में कुछ है नही तो ऐसे,
शरम से चेहरा यूं लाल न होता। 
साथ तेरे गुजरी इक सदी झट से,
इतनी जल्दी तो साल न होता।
गर इक बार उलझे फिर न छूटे,
इश्क से बढ़ के तो जाल न होता। 
इसलिये हम बेरोज़गार घूमते हैं,
देने को अपने पास माल न होता।
कैसे जिम्मेदारी ले ले रैना"तेरी,
खुद का खुद से सम्भाल न होता। रैना" 




शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2016

समझ पाना जमाने की अदा फितरत बड़ा मुश्किल,

मिलेगा दर्द तन्हाई वफ़ा तो अब बड़ा मुश्किल,
वैष्णो माता की जय जय जय
हमें इतनी खबर है माँ तेरी रहमत तो बरसेगी,
लिखी किस्मत बदल जाये न प्यासी आँख तरसेगी,
यही उम्मीद है माता तभी हिम्मत न हारे है,
करो नजरे इनायत माँ कभी फिर जान तड़फेगी। रैना"
सुप्रभात जी -------------------------जय जय माँ 


गुरुवार, 20 अक्टूबर 2016

बुधवार, 19 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरी किरपा से माँ सब है मिला,
मन का मुरझाया फूल है खिला। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2016

नेक अपना इरादा रहा,
पर उसे तो तकाजा रहा।
पास मेरे रहे वो सदा,
खुद से मैं दूर भागा रहा।
मैं उसे देख पाया नही,
बेवफा मैं अभागा रहा।
कौन देगा गवाही मेरी,
आज तक मैं पियादा रहा।

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरे हाल पे भी तरस खा माता,
तू तेरा जलवा कोई दिखा माता,
तेरे दीद की तलब मेरी आंखों को,
जन्मों की प्यास अब बुझा माता। रैना"
सुप्रभात जी ------ जय जय माँ 

बदले तेरे मिजाज देख रहा हूं,
बहके तेरे अंदाज देख रहा हूं,
है बेखबर तुझे न
है हद करी यकीन कौन करेगा,


 वैसे मैं दिल को रोकता रहता हूं,
अर्श को भेदने की सोचता रहता हूं,

सोमवार, 17 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय 
तेरे दर का नजारा है बड़ा प्यारा मेरी माँ,
यहां दुखियों को मिलता है सहारा मेरी माँ,
करो किरपा हमें दो दान भक्ती मुक्ती का माँ,
हमें करना अमन से अब गुजारा मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------- जय जय माँ 



बाकमाल है अन्दाज आप ,का,
इक जर्रे को पलकों पे सजा लिया। रैना"

बेशक हम इस काबिल हरगिज न थे,
आप ने जर्रे को आफ़ताब कर दिया।  .रैना"
तुम दिल का घर खाली करने का क्या लो गे,
मुझसे ख़्वाबों में ना लड़ने का क्या लो गे। 

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
पास हो कर भी क्यों दूर है माँ,
सामने आये न मजबूर है माँ,
तेरे दीद की हसरत जवान हुई,
इक बार मिलना जरूर है माँ। रैना"
सुपभात जी ----जय जय माँ

बुधवार, 12 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
भटके बहुत है माता अब तेरा ध्यान करना,
तेरी किरपा के बिना माँ ये भी होना मुश्किल। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय

माँ तेरे दीदार को हम तरसे,
हमारे नैना हैं छम छम बरसे,
माँ भूल गई है ऐसा हाल बुरा,
बिन पानी मछली ज्यो तड़फे,
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

सोमवार, 10 अक्टूबर 2016

देश में कुछ  ऐसा कानून बनाया जाये,
राम ही रावण का पुतले को आग लगाये,
फिर तो इक भी राम सामने नही आयेगा,
बेचारा रावण अपमान से तो बच जायेगा। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
वो किस्मत वाले होते हैं जिन्हें नाम की दौलत मिलती है,
जीवन का मकसद पा जाते बेसुमार ही शौहरत मिलती है,
जो मोह माया में डूबे हैं जिन्हें फ़िक्र लगी खाने कमाने की,
वो कहने को ही चमक रहे उन्हें न गम से फुरसत मिलती है। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------------जय जय माँ 
जीने के लिये जो मरा नही करते,
वो बुलंदी की सीढ़ी चढ़ा नही करते,
जिनको मोती पाने की चाह होती,
वो डूबने से हरगिज डरा नही करते। रैना"

रविवार, 9 अक्टूबर 2016

शनिवार, 8 अक्टूबर 2016


दोस्तों आप को समर्पित मेरी रचना

जिन्दगी को संग निभाना नही आया,
प्यार से गाना वो तराना नही आया।
हम लुटा के सब रहे  हाथ खाली से,
रास हमको ये जमाना नही आया।
अश्क छलके देख कोई सनम अपना,
दर्द दिल का भी छुपाना नही आया।
भूल जाना था मगर हम नही भूले,
याद कोई भी बहाना नही आया।
दूर तक जाती नजर बस तुझे ढूंढती,
याद तुझको वो फ़साना नही आया।
सब लगे फन्दे लगाने में यहां अब तो,
अब किसी को भी बचाना नही आया।
रात होने को हुई कुछ सोच ले रैना",
सो रहा खुद को जगाना नही आया। रैना"



वैष्णो माँ जय जय जय
माँ अपने चरणों से यूं दूर न करो,
दुखिया को इतना मजबूर न करो,
टूट चुके सिर्फ माँ बिखरना बाकी है,
गम में इस कदर चूर चूर न करो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2016

मेरी माँ वैष्णो रानी की जय जय जय
माँ वैष्णो रानी तेरी किरपा से मेरे मन को आराम मिला,
हरपल तेरे नाम की चर्चा मुझको क्या खूब हैं काम मिला,
हम हो गये दीवाने तेरे डूबे मस्ती में अपनी भी खबर नही,
बेशक वो तो किस्मत वाले है जिनको नाम का जाम मिला।रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------------जय जय माँ  

वही तकरीर तहरीर पुरानी सी,
टूटी फ़टी सी तस्वीर पुरानी सी,
अब हम क्या करे जिकर अपना,
वही खफा सी तकदीर पुरानी सी।   रैना"

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2016


भरोसा ही रहा खुद पे तभी तो हम रहे जिन्दा,
दौर तो ऐसा आया है मौत से रोज मुलाकात होती ,रैना"

ऐसे हम घबराने वाले नही लेकिन वक्त ने ही तोड़ के रख दिया। रैना"
जय जय माँ
करो किरपा वैष्णो रानी माँ मेरे जीवन का सुधार करो,
तेरे दर के भिखारी हैं  माता  खैर मांगते  उपकार  करो,
माँ तू दुखड़े हरने वाली है ये सारा जग ही कहता माँ,
छोड़ दुनिया तेरे आये है माँ विनती  मेरी स्वीकार करो। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------------जय जय माँ

रविवार, 2 अक्टूबर 2016

शनिवार, 1 अक्टूबर 2016



जयकारा माँ ब्रह्मचारणी माता का,
बोलो सच्चे दरबार की जय जय

माँ ब्रह्मचारणी तेरी महिमा न्यारी,
माँ हम भक्त आये है शरण तुम्हारी,
हमें बख्शो माँ तेरे चरणों की भक्ति,
सुनो गुजारिश माँ तुम अर्ज हमारी। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 

शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

जयकारा शेरोवाली का बोलो सच्चे दरबार की जय,
प्रथम शैलपुत्री माता तेरी जय जयकार,
श्रदा से तेरा ध्यान लगाये बख्शो अपना प्यार,
तेरी जय जयकार मेरी माता तेरी जय जयकार।
तेरी जय जय कार -------------------रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 

दोस्तों खास ग़ज़ल आप के लिए

याद तेरी  ने हमें रुलाया बहुत है,
तू बता क्यों आज याद आया बहुत है।
राख का इक ढेर सा हुआ दिल ये मेरा,
क्योकि हमने दिल भला जलाया बहुत है।
सर्द मौसम है बना मेरी जां का दुश्मन,
रात काली ने हमें डराया बहुत है।
अब छटी का दूध याद करवा दो इसको,
इस पड़ौसी ने हमें छकाया बहुत है।
चैन मिलता ही नही उसे भी उम्रभर,
बुजुर्गों को जिसने भी सताया बहुत है।
याद तेरी जब कभी परेशान करती,
तू न भूला हमने तो भुलाया बहुत है।
काश रैना"को समझ सके यार उसका,
दर्द उसको हमने तो सुनाया बहुत है। रैना"

इस दौर में बच्चों को खूब पढ़ाओ,
साथ में चम्मचगिरी भी सिखाओ,
वरना सपनों का महल ढह जायेगा,
पढ़ लिख के बच्चा पीछे रह जायेगा। रैना"
सुना है ???????
वो तीसरी बार सम्मानित हो रहे,
कुल तीस के पैर तो पकड़े होंगे। रैना"

राज्य कवि का दर्जा मिला है उसे,
लिखने के साथ झुकना जानता होगा। रैना"

लफ्जों का साधक तो जरूर होता है,
हर कवि को थोड़ा बहुत गरूर होता है,
वो तो जमीं पे पैर भी नही रखता,
जो जमाने में थोड़ा मशहूर होता है। रैना"

गुरुवार, 29 सितंबर 2016


भारत माता की जय
भारतीय सेना ने ये काम किया खूब है,
ईंट का जवाब पत्थर से दिया खूब है,
मोदी जी ऐसे ही सेना को पूरी छूट दो,
पाकिस्तानी टटुओ ने खून पिया खूब है। रैना"
जय हिन्द जय हिन्द ----------

मोदी जी आप ने जो अदम साहसिक काम है किया,
मुझे लगता 15 लाख मेरे खाते में है जमा करा दिया। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय
क्यों तू इतनी खफा है माँ,
क्या हुई हमसे खता है माँ,
हम भिखारी तेरे ही दर के,
फिर क्यों मिली सजा है माँ।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ   

बुधवार, 28 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय आई
वैष्णो माँ के भवन के जलवें न्यारे एकदम प्यारे है,
दर्शन करने मईया  के तो आये देव देवा  भी सारे है। रैना"
सुप्रभात जी--------------------- -----जय जय माँ 

मंगलवार, 27 सितंबर 2016

जो जमाने से जुदा  न हुये,
है शिकायत इश्क
 हुस्न वाले बावफ़ा न हुये।
दर्द जिसको हुआ नही है 

सोमवार, 26 सितंबर 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ मेरे लिए ये खास करो,
दूर आंखों की प्यास करो,
खुश होने का मौसम है माँ,
ओर न ज्यादा उदास करो। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

कठिन परस्थितियों मुश्किल राहों पे आगे बढ़ना होगा,
देश को आगे बढ़ाने के लिए निसंदेह त्याग करना होगा,
कुर्सियां अक्सर चम्मचों चापलूसों को ही मिला करती,
चन्द्र शेखर आजाद को तो देश के खातिर मरना होगा। रैना"

शनिवार, 24 सितंबर 2016



वैष्णो माँ की जय जय जय
तू जीने का ऐसा ढंग दे माँ,
अपने ही रंग में रंग दे माँ,
हम भिखारी कुछ न मांगे,
अपने चरणों का संग दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ


ये जीने का ढंग बदल जायेगे,
हैं गिरगट तो रंग बदल जायेगे,
सब के सब  मतलब के दोस्त है,
मतलब निकला संग बदल जायेगे। रैना"

पहले हंस के खाते है,
फिर देख के घुर्राते हैं,
इंसान से कुत्ते अच्छे,
जो पूंछ तो हिलाते हैं। रैना"

गुरुवार, 22 सितंबर 2016

जय जय माँ वैष्णो महारानी जी
जिंदगी क्या यूं  ही उदास रहेगी,
यूं जवां कब तक ये प्यास रहेगी,
माँ बता क्या बदले नसीब मेरी भी,
कब तलक जारी तलाश रहेगी। रैना"
सुपभात जी --------जय जय माँ 
आत्मा तो खुश नही परमात्मा से प्यार है,
ये गुस्ताखी उसको हरगिज न स्वीकार है। 

बुधवार, 21 सितंबर 2016


वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मेरी माँ अम्बे इतना ख़ास कर दे,
जीवन की परीक्षा में पास कर दे,
भटक रहा हूं तेरे दीद के खातिर,
कर किरपा सफल प्रयास कर  दे। रैना"
दोस्तों कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है ,
पर कश्मीर में फौजी जवान की क्या हालत है।
जरा सुनिये
चीख उठता है मन करता हा हाकार है,
हाथ बंधे देखने को हाथों में हथियार है।
अपने ही देश में हम डर डर के जी रहे,
ये सच कश्मीर में सैनिक बड़ा लाचार है।
दिल्ली में बैठे नेता लम्बी लम्बी हांकते,
यहां आके देखिये सारा सिस्टम बीमार है। 
आतंकी को मारना है जोखिम भरा क्योकि,
सिर पे लटकी कोर्ट मार्शल की तलवार है। 
बुझदिल हम है नही बीवी बच्चों की फ़िक्र,
इसलिये जिल्लत भरी मौत भी स्वीकार है।
पानी सिर से गुजरता अब सहन मुश्किल हुआ,
ओछी हरकते कर रहा पाकिस्तान बार बार है। 
लातों के भूत कभी बातों से नही हैं मानते,
बेगरत बेशर्म का तो जूता ही उपचार है। 
देश के रहबरों अब और न ज्यादा देर करो,
लाहौर तिरंगा फहराने को हर सैनिक बेकरार  है।
रैना"की गुजारिश मोदी जी सुन लो गौर से,
जड़ से मिटाओ मर्ज माफ़ी लायक न गद्दार है। रैना" 
@94160 76914

मंगलवार, 20 सितंबर 2016





दोस्तों कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है ,
पर कश्मीर में फौजी जवान की क्या हालत है।
जरा सुनिये
चीख उठता है मन करता हा हाकार  है,
हाथ बंधे देखने को हाथों में हथियार है।
अपने ही  देश में हम मर मर के जी  रहे,
ये सच कश्मीर में हुआ सैनिक लाचार है।
दिल्ली में बैठे नेता लम्बी लम्बी हांकते,
यहां आके देखिये सारा सिस्टम बीमार है।
आतंकी को मारना है जोखिम भरा क्योकि,
सिर पे लटकी कोर्ट मार्शल की तलवार है।
बुझदिल हम है नही बीवी बच्चों की फ़िक्र,
इसलिये जिल्लत भरी मौत भी स्वीकार है।
पानी सिर से गुजरता अब सहन मुश्किल हुआ,
ओछी हरकते कर रहा पाकिस्तान बार बार है।
लातों के भूत कभी बातों से नही हैं मानते,
बेगरत बेशर्म का तो जूता ही उपचार है।
देश के रहबरों अब और न ज्यादा देर करो,
लाहौर तिरंगा फहराने को हर सैनिक तैयार है।
रैना"की गुजारिश मोदी जी सुन लो गौर से,
जड़ से मिटाओ मर्ज माफ़ी लायक न गद्दार है। रैना"
@94160 76914



सोमवार, 19 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
ले के भेंट पुजारी आये हैं,
तेरे दर के भिखारी आये हैं,
सुनो लो फरियाद माँ मेरी,
भूले भटके अनाड़ी आये है। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
दोस्तों इक रा र यानि पलटवार

बातों की तलवार अपनी बातों की बंदूक है,
बातों से भर के रखी हमने बड़ी संदूक है।
वैसे तो हमने बातों से कर रखे पूरे प्रबन्ध है,
फिर भी बातों बातों में हो जाती बड़ी चूक है।

बात करना सोचना हम छोड़ दे कैसे भला,
बात करना बोलना हमारा मौलिक हकूक है।

हादसा जब देश में हो जाता भयानक सा बड़ा,
हर भारत वासी के मन में उठती बड़ी हूक है।

आंतकवाद पाकिस्तान में कभी न पनपता,
आंतकवादियों से करना आया न हमे सलूक है। रैना"
सिर्फ कहते कुछ न करते हैं,
न जाने क्यों पाक से डरते है,
बात यही सच सही है लगती,
कौन सा नेताओं के बेटे मरते हैं। रैना"

रविवार, 18 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय
अर्ज मेरी सुनो माँ वैष्णो तेरे दर पे भिखारी आये है,
अर्पण तुझको करने को फ़क़त श्रदा सुमन ही लाये है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------जय जय माँ 

दोस्तों के लिए खास 
चेहरे से चिलमन हटा दो,
हुस्न के जलवे दिखा दो। 
चैन पल भर भी नही है,
अब दवा कोई खिला दो। 
मौत वरना आ रही है,
दर्द दिल का अब  मिटा दो। 
रिन्द पे कर रहम साकी,
जाम मस्ती का पिला दो। 
खैर मांगे हैं भिखारी,
प्यास आंखों की बुझा दो।
मैं मुसाफिर भटकता हूं,
तुम पता अपना बता दो। 
काश रैना"की सुनो तुम,
ध्यान में अपने लगा दो।रैना" 


देश के नेता गर अब भी चुप बैठते है तो,
बेहतर होंगे वो चूड़ियां पहन ले।
क्योकि पानी अब सिर के ऊपर से गुजर रहा है। रैना"
भारत के नेता सिर्फ बातें करते है,
और पाकिस्तानी करते हमले। रैना"

शनिवार, 17 सितंबर 2016

वाह अपना ही ख्याल लिखते है,
दनकौरी जी बाकमाल लिखते है। रैना"

 अब मुझे ख्वाब आते  नही है,
नींद आती नही ख्वाब  कैसे। रैना"

भटकते तो सभी हैं मंजिल के लिये,
लेकिन मंजिल मिलती है नसीब से। रैना"


जब माँ का सहारा मिल जाये,
हर हाल किनारा मिल जाये,
माँ "रैना"भी तेरा दीवाना है,
अब उसे भी नजारा मिल जाये। रैना"




नसीबा है खफा मुझसे
गुमां करना नही अच्छा चढ़ी महकी जवानी का,
बुरा फिर अन्त होता है 
इबादत में लगे रहना यही फितरत रही मेरी,
मगर ये लोग कहते है हुआ पागल दिवाना मैं। रैना"


टूट कर बिखरे कभी हम बिखर कर संभले,
सांस बाकी है अभी तक अजल को मिला नही मौका। रैना"
काश तुझसे मुलाकात हो जाये,
है तमन्ना कभी बात हो जाये।


शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

दोस्तों बुरा मत मान जाना कुछ कड़वा सच है।
देखिये ये कैसी विडम्बना है,
धर्म की हर सीमा का उलंघन होता है,
मनन के नाम पे मनोरंजन होता है।
मस्ती में झूमते  ताल बजाने वाले,
अधिकतर नशे में भजन  गाने वाले।
बाबा जी आजकल पूरी रसोई देखते है,
बड़ी शान  से टी वी पे मसाले बेचते  है।
कुछ बाबा जी नेट को भी साथ लेते है,
मन्त्र का ताला खोलने का पासवर्ड देते है।
कुछ बाबा तो नये नये  रंग दिखाते है,
अपने भक्तों को लाल हरी चटनी खिलाते है।
लगन लगी  लोग रोज सत्संग में जाते है,
माँ बाप को वृदाआश्रम में छोड़ आते है।
चाव से रावण का पुतला तो बनाते है,
अफ़सोस जलाने को राम जी न आते है।
नारें लगाते नारी को सब अखित्यार है,
वो ही नारी पे करते खूब अत्याचार है।
बुरी नीयत खुद को दिखाते सयाने से है,
सही मायनों में एक आँख से काने से है।
भाई भतीजावाद नही का नारा लगाते है,
तभी तो नेता मुख्यमंत्री पत्नी को बनाते है।
देखो तो ये कैसा दिलचस्प तमाशा है,
नेता बन के आम आदमी खास हो जाता है।
देश में गरीब बेचारा फूट फूट कर रोता है,
यहां कुर्सी के लिए बहुत कुछ होता है।
भारत में बरबादी की बड़ी लम्बी कहानी,
फिर कभी सुन लेना रैना"की जुबानी। रैना"

गुरुवार, 15 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
यही विनती है बार बार मेरी माँ,
हमें बख्शो अपना प्यार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय माँ 

दोस्तों आप की महफ़िल में 
जख्म दिल पे लगे कितने दिखाना है बड़ा मुश्किल,
चेहरे का गिला वाजिव छुपाना है बड़ा मुश्किल।
अब शहर की फिजा बदली वफ़ा से दूर ही रहते,
गैर अब हो गये अपने बनाना है बड़ा मुश्किल।
पास रहता खफ़ा सा क्यों समझ कुछ भी नही आता,
उस हसीं ख़ास दिलबर को मनाना है बड़ा मुश्किल।
चैन से तान कर सोना नसीबो में न आशिक के,
इश्क की आग में मन को जलाना है बड़ा मुश्किल।
यार जो ख़ास हो अपने वही करते दग़ाबाजी,
चलन बदला जमाने का निभाना है बड़ा मुश्किल। 

इश्क एक रोग है ऐसा लगे जिसको वही जाने,
दर्द दिल का लगी आतिश बुझाना है बड़ा मुश्किल। 
काश रैना"समझ जाये बचे बस चार दिन बाकी,
दर्द उस रात काली का उठाना है बड़ा मुश्किल। रैना"

बुधवार, 14 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
माँ की ज्योत मन मंदिर में जले हरदम।
जय कारा वैष्णो रानी का बोलो सच्चे दरबार की जय।
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

जख्म दिल पे लगे कितने दिखाना है बड़ा मुश्किल,
चेहरे का गिला वाजिव छुपाना है बड़ा मुश्किल।
अब शहर की फिजा बदली वफ़ा से दूर ही रहते,
गैर अब हो गये अपने बनाना है बड़ा मुश्किल।
पास रहता खफ़ा सा क्यों समझ कुछ भी नही आता,
उस हसीं ख़ास दिलबर को मनाना है बड़ा मुश्किल।
चैन से तान कर सोना नसीबो में न आशिक के,
इश्क की आग में मन को जलाना है बड़ा मुश्किल।
यार जो ख़ास हो अपना वही करता दग़ाबाजी,
चलन बदला जमाने का निभाना है बड़ा मुश्किल।

इश्क एक रोग है ऐसा लगे जिसको वही जाने,
दर्द दिल का लगी आतिश बुझाना है बड़ा मुश्किल। 
काश रैना"समझ जाये बुरा दिल का लगाना है,
बैठ रोना नही सोना बिताना दिन बड़ा मुश्किल। रैना"

खता उसकी नही कोई कमी मेरी रही होगी,
नसीबा लिख नही पाया कलम गुम हो गई होगी। रैना"

फेल हम हो गये इम्तहाने जिन्दगी में,
काश बोर्ड की परीक्षा होती???????///
पैसे देकर पास हो जाते।  रैना"
1222          1222         1222       1222
खफा होना नही हमसे मिरा तू ही सहारा है,

बिना तेरे सनम मेरे बड़ा मुश्किल गुजारा है।  
मेरे मन में बसे हो तुम चले सांसें तेरे दम से,
हवाले सब किया तेरे नही कुछ भी हमारा है। 
तेरे जलवें तेरी हस्ती नही कोई तेरे जैसा,
फ़िदा हम हो गये तुझ पे हमें जां से पियारा है। 
करो कम बीच की दूरी दिखा दो चेहरा दिलबर,
सुना तू खूबसूरत है तेरा अन्दाज़ न्यारा है। 
दिवानी मैं हुई तेरी नही अपनी फिकर मुझको,
खबर तुझको नही मेरी तभी टूटा सितारा है। 
भला रीनू"करे कैसे गिला तुझसे हसीं दिलबर,
मेरे हिस्से नही आया मेरे मन का नजारा है। रीनू"




मंगलवार, 13 सितंबर 2016

ईद का जश्न हमने भी मना लिया होता,
तुम जो रूबरू होते सीने लगा लिया होता। रैना"



1222          1222         1222       1222
खफा होना नही हमसे मिरा तू ही सहारा है,

सोमवार, 12 सितंबर 2016


212            2122          2122        212     2 2
जख्म दिल पे लगे कितने दिखाना है बड़ा मुश्किल,
चेहरे का गिला वाजिव छुपाना है बड़ा मुश्किल।
अब शहर की फिजा बदली वफ़ा से दूर ही रहते,
गैर अब हो गये अपने बनाना है बड़ा मुश्किल।
पास रहता खफ़ा सा क्यों समझ कुछ भी नही आता,
उस हसीं ख़ास दिलबर को मनाना है बड़ा मुश्किल।
चैन से तान कर सोना नसीबो में न आशिक के,
इश्क की आग में मन को जलाना है बड़ा मुश्किल।
यार जो ख़ास हो अपना वही करता दग़ाबाजी,
चलन बदला जमाने का निभाना है बड़ा मुश्किल।



शनिवार, 10 सितंबर 2016

तेरे मेरे बीच यूं  फासला नही है,
मुझ में मिलने का हौसला नही है।
मैंने तुझे घर बुलाया होता लेकिन,
साफ मेरे मन का घोंसला नही है।
तेरे दम से ही मेरे दम में दम है,
कैसे कह दू तुझ से वास्ता नही है।
गिला शिकवा मैं करता हूं तुझसे,
तू मेरे बारे कभी भी सोचता नही है। 
रोक सकता गम को तुझ में ताकत,
पर गम को आने से रोकता नही है।
महफ़िल में लोग अब कहने लगे है,
रैना"काटता सिर्फ भौंकता नही है। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ का बस कहना है,
मैं मैं से दूर ही रहना है,
सुख दुःख जीवन के पहलू,
हर गम को हंस के सहना है। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ। 

शुक्रवार, 9 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
मेरी माँ हो तेरी किरपा तेरा प्यार मिल जाये,
मेरे बेकरार मन को माँ घड़ी करार मिला जाये,
अब तक तो कटी अपनी मेरी माँ सुर्ख वीराने में,
खिले माँ फूल मेरे मन का ऐसी बहार मिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ 
नींद का स्वाद चखा नही करते,
दीवाने कभी थका नही करते। रैना"
2122              2122      2122       22
साफ मन को जो करेगा वो उसे पायेगा,
दोस्तों की महफ़िल में 
व्हाट्सएप्प पर मेरी आवाज में
94160 76914 

सच की गोली हजम न होती,
झूठ का चिंगम चबा रहे लोग,
गूंगे बहरे कुछ भी न बोले,
सिर्फ गर्दन हिला रहे लोग। 
महंगाई से तो बहुत दुखी हैं,,
बेबसी में वक्त बिता रहे लोग।
क्या खूब चल रही नूरा कुश्ती,
उठा खुद को ही गिरा रहे लोग। 
हंसता देख किसी को जलते,
अपने दिल को जला रहे लोग।
प्यासे माँ बाप पानी को तरसे,
वैसे सत्संग में जा रहे लोग। 
चम्मचा गिरी आसान रस्ता,
अब इसे ही अपना रहे लोग। 
जिसके हाथ में लाठी मोटी,
उसके पीछे ही जा रहे  लोग। 
नेता बदलेगा इस उम्मीद से, 
फिर वोट डालने जा रहे लोग। "रैना"
तेरी नजरों ने काम कर दिया, 
मेरा जीना ही हराम कर दिया।
हंस के मिला के फेर ली आंखे,
रस अंगूरी मेरे नाम कर दिया।
तेरी बावफा यादों की मस्ती,
मेरा मन बेआराम कर दिया।
नजरे कर्म है ये तेरी मेहरबानी,
गुमनाम सरेआम कर दिया।
ठोकरें खा कर सम्भले हम तो,
अब दूर से सलाम कर दिया।
ये सोच कर है दिल को तसल्ली, 
है नाम चाहे बदनाम कर दिया।
पैसे की बढ़ती सी भूख ने "रैना"
रिश्ते नाते को तमाम कर दिया।रैना"

गुरुवार, 8 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरी जय जय कार माँ जय जय कार,
मोहे बक्शो अपना प्यार तेरी जय जय कार। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

बुधवार, 7 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरे दर के भिखारी माँ परेशां है,करो किरपा मंजिल मिल जाये,
अगर कर दे इशारा माँ मेरी फिर तो कली मुरझाई खिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------------जय जय माँ 

सोये मन में आजादी की अलख जगाने का,
अब फिर वक्त आ गया है,
भारत माँ को मुक्त करवाने का.
बेशक गौरे अंग्रेजों को हमने भगा दिया है,
लेकिन काले अंग्रेजों ने माँ को बंदी बना लिया है,
काले अंग्रेजों से माँ को छुडवाने का.
अब फिर वक्त आ--------------------
छीना झपटी,लूट मार नंगा भ्रष्टाचार है,
द्रोपदी का चीर हरण होता बीच बाजार है,
दुशासन से द्रोपदी को बचाने का.
अब फिर वक्त आ---------------
मतलब के दरिया में सारे असूल बह गये,
भाषणों तक सीमित अब हमारे नेता रह गये,
ऐसे झूठे नेताओ को सबक सिखाने का.
अब फिर वक्त आ-----------------
माँ की आबरू पर कई वार हो गए,
देश के मसीहा ही गद्दार हो गये,
बेनकाब कर गद्दारों को भगाने का.
अब फिर वक्त आ--------------
रोती बिलखती माँ मेरी खड़ी की खड़ी रह गेई,
रामराज्य की कल्पना धरी की धरी रह गेई,
शहीदों के सपनों का देश बनाने का.
अब फिर वक्त आ -------------
उठो वीर जवानों भारत माँ की पुकार सुनो,
रंग लो बसंती चोला और आजादी की राह चुनो,
"रैना" अपने कदम पीछे नही हटाने का.
अब फिर वक्त आ---------------"रैना"