sufi tadka
शनिवार, 24 सितंबर 2016
वैष्णो माँ की जय जय जय
तू जीने का ऐसा ढंग दे माँ,
अपने ही रंग में रंग दे माँ,
हम भिखारी कुछ न मांगे,
अपने चरणों का संग दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें