इक इबादत ऐसे भी की जा सकती है,
रोते को हंसना,
गिरते को उठाना,
मिटते को बचाना,
सोते को जगाना,
उससे दिल लगाना,
खुद को खुद तपाना,
पीछे मैं हटाना,
तू तू को बुलाना।
जीने का बहाना। रैना"@
94160 76914
रोते को हंसना,
गिरते को उठाना,
मिटते को बचाना,
सोते को जगाना,
उससे दिल लगाना,
खुद को खुद तपाना,
पीछे मैं हटाना,
तू तू को बुलाना।
जीने का बहाना। रैना"@
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