शुक्रवार, 9 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
मेरी माँ हो तेरी किरपा तेरा प्यार मिल जाये,
मेरे बेकरार मन को माँ घड़ी करार मिला जाये,
अब तक तो कटी अपनी मेरी माँ सुर्ख वीराने में,
खिले माँ फूल मेरे मन का ऐसी बहार मिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ 

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