बुधवार, 7 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
तेरे दर के भिखारी माँ परेशां है,करो किरपा मंजिल मिल जाये,
अगर कर दे इशारा माँ मेरी फिर तो कली मुरझाई खिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------------जय जय माँ 

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