मंगलवार, 6 सितंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
कर्म तेरा अगर हो माँ  सुधर जायेगी जिंदगानी,
दूर तुझ से रहेगे हम तो यहां वहां होगी बदनामी,
माँ इनायत गर तेरी होगी तभी तो बहार आयेगी,
वर्ना रोयें पछताये बरसे  छम छम आँखों से पानी।रैना"
सुप्रभात जी -----------------------------जय जय माँ 

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