वैष्णो माँ की जय जय
क्यों तू इतनी खफा है माँ,
क्या हुई हमसे खता है माँ,
हम भिखारी तेरे ही दर के,
फिर क्यों मिली सजा है माँ।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
क्यों तू इतनी खफा है माँ,
क्या हुई हमसे खता है माँ,
हम भिखारी तेरे ही दर के,
फिर क्यों मिली सजा है माँ।
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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