शनिवार, 29 अक्टूबर 2016

आओ दिवाली कुछ ऐसे मनाये,
मन के घर में इक दीप जलाये।
दुनिया और भी प्यारी लगेगी,
मन का जब अन्धकार मिटाये।
इजहार ख़ुशी का न हो दिखावा,
दिल मिला के ही हाथ मिलाये।
श्री राम की रास्ते पे ही चलना,
झूठा न हम कभी स्वांग रचाये।
धन दौलत कुछ साथ न जाये,
अपने लिये भी हम कुछ कमाये।
रैना"मन के घर  दीप जला कर,
वैष्णो महारानी का ध्यान लगाये। रैना"
सुपभात जी ----हैप्पी दीवाली जय जय माँ

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