वैष्णो माँ जय जय जय
माँ अपने चरणों से यूं दूर न करो,
दुखिया को इतना मजबूर न करो,
टूट चुके सिर्फ माँ बिखरना बाकी है,
गम में इस कदर चूर चूर न करो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ
माँ अपने चरणों से यूं दूर न करो,
दुखिया को इतना मजबूर न करो,
टूट चुके सिर्फ माँ बिखरना बाकी है,
गम में इस कदर चूर चूर न करो। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें