sufi tadka
बुधवार, 19 अक्टूबर 2016
वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरी किरपा से माँ सब है मिला,
मन का मुरझाया फूल है खिला। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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