सोमवार, 17 अक्टूबर 2016

वैष्णो माँ की जय जय जय 
तेरे दर का नजारा है बड़ा प्यारा मेरी माँ,
यहां दुखियों को मिलता है सहारा मेरी माँ,
करो किरपा हमें दो दान भक्ती मुक्ती का माँ,
हमें करना अमन से अब गुजारा मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------- जय जय माँ 



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