sufi tadka
मंगलवार, 20 दिसंबर 2016
अंधेरों से दोस्ती अपनी,
उजालों से दुश्मनी अपनी,
रही पाने की तमन्ना सी,
कटी ऐसे जिन्दगी अपनी। रैना"
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