sufi tadka
रविवार, 25 दिसंबर 2016
वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ तेरा सहारा मांगते है,
दिलकश नजारा मांगते है,
जीवन की नैया डोल रही,
हाथ जोड़ किनारा मांगते है। रैना"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें