sufi tadka
मंगलवार, 13 दिसंबर 2016
तेरे घर खत्म होता रास्ता मेरा,
तुझी से है सनम अब वास्ता मेरा,
बिना पंख उड़ रहा आराम से रैना"
तेरे दम से ही कायम हौसला मेरा। रैना"
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