जय जय वैष्णो माँ
मैं बालक माँ तुझको पुकारू,
हरपल तेरी राह मैं निहारू,
मेरे मन की यही अभिलाषा,
दर्शन कर के जीवन सवारू। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
मैं बालक माँ तुझको पुकारू,
हरपल तेरी राह मैं निहारू,
मेरे मन की यही अभिलाषा,
दर्शन कर के जीवन सवारू। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें