गुरुवार, 24 नवंबर 2016

दोस्तों आप से गुजारिश पढ़ना जरूर

खड़े जो देश हित में हो वही खुद्दार होते है,
करे जो बात मतलब की बड़े गद्दार होते हैं।
लगी है  नोट पे बन्दी परेशां हो गये नेता,
करे क्या नोट से ही वोट के व्यापार होते है।
भरे घर खूब नेता ने पड़ोसी भी न छोड़े हैं,
यही चिन्ता लगी है नोट अब बेकार होते है।
गले मिल रो रहे देखो कभी जो जान के दुश्मन,
बदल जाते ये गिरगट से बड़े फनकार होते हैं।
चला है तीर मोदी का मरे बेमौत काफी हैं,
यही अब देखना कितने दुखी लाचार होते हैं।
वतन से प्यार जो करते न होंगे बन्द में शामिल,
यही तो देखना कितने यहां खुद्दार होते हैं। रैना"




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