मां की शान में चंद अल्फाज
रोता बच्चा बहलाती मां
खुद भूखी ही सो जाती मां।
मां की ममता मां ही जाने,
बच्चे पे सुख बरसाती मां।
अपना सुख बच्चों में बांटे,
देखो खुद पे इतराती मां।
बच्चों के खातिर सब करती,
हर मुश्किल से टकराती मां।
इस युग में मां की बेअदबी,
चुप ही आंसू पी जाती मां।
"रैना"सोचे मां के बारे,
है किस दुनिया से आती मां।रैना"
खुद भूखी ही सो जाती मां।
मां की ममता मां ही जाने,
बच्चे पे सुख बरसाती मां।
अपना सुख बच्चों में बांटे,
देखो खुद पे इतराती मां।
बच्चों के खातिर सब करती,
हर मुश्किल से टकराती मां।
इस युग में मां की बेअदबी,
चुप ही आंसू पी जाती मां।
"रैना"सोचे मां के बारे,
है किस दुनिया से आती मां।रैना"
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