sufi tadka
मंगलवार, 22 नवंबर 2016
याद तेरी में सनम हम जागते हैं रात भर,
ख्याल तेरे ही जवां हम भागते हैं रात भर,
चोट दिल पे है लगी इसकी दवा भी है नही,
फरिश्तें घर का पता अब पूछते है रात भर। रैना"
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