शुक्रवार, 4 नवंबर 2016

वैष्णो माँ की जय
मेरी जीवन नईया डोल रही  माँ तुझको पुकारा करते है,
मेरे मन बसी माँ मूरत तेरी देख देख के नजारा करते है,
तेरे हवाले कर दी माँ  रैना" ने अपने जीवन की डोरी,
माँ वैष्णो तुम न रूठ जाना तेरे दम से गुजारा करते है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------------जय जय माँ

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