sufi tadka
रविवार, 6 नवंबर 2016
वैष्णो माँ की जय जय जय
हे माँ अम्बे जय जगदम्बे मेरा अब कल्याण करो,
भटक रहे राहों से हम माँ मेरी कुछ तो ध्यान करो,
झूठ का साथी ये जग सारा किसी से कोई आस नही,
वैष्णो माँ तेरे दीद की हसरत पूरा मेरा अरमान करो। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ
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