sufi tadka
शनिवार, 12 नवंबर 2016
अब लोगों की ये फितरत आम है,
मन में खोट रखते होठों पे राम है,
यूं मतलब के लिये पैरों में लेटते,
भूलते वफ़ा जब निकले काम है। रैना"
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