शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

जीते जी माँ बाप को पानी पिलाने से भी गुरेज रही,
मरने के बाद श्रद्धाओं में देशी घी के पकवान खिला रहे। रैना"


बुधवार, 6 सितंबर 2017

लगी मतलब की बीमारी न कोई प्यार करता है,
जिसे चलना सिखाया हो वही तकरार करता है,
हुई इन्सान की फितरत वफ़ा से दूर रहता है,
मिले है जब कभी मौका तो पीठ पे वार करता है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------------- जय जय माँ

सोमवार, 4 सितंबर 2017

यही फितरत रही सब की कमी देखे नहीं अपनी,
हुआ इन्सान अब ऐसा मुहब्बत भूल बैठा है। रैना"


रविवार, 3 सितंबर 2017

देख तुझको सोचता रहता,
दिल मेरा तो रोकता रहता।
खेल मत तू इश्क की बाजी,
खुद ही खुद को टोकता रहता।
वो नज़र आता नहीं मुझको,
कौन मुझ में बोलता रहता।
क्या पता तेरा बता मुझको,
मैं हवा से पूछता रहता।
कुछ करे तो क्या यही सोचे,
खून अक्सर खोलता रहता।
भार अपना तोल ले रैना"
हर किसी को तोलता रहता। रैना"




गुरुवार, 31 अगस्त 2017

आज के लोग पर्दा हटाते नही हैं,
बात दिल की मगर बताते नही हैं। 
दिल में लगा रखते अक्सर गांठें,
दावा करते कुछ भी छुपाते नही।
जो हमारा हम तो उसके हैं यारों,
यूं बेवजह हम ताली बजाते नही।
ऐसे रुठे के तोड़ दिया है रिश्ता,
अब तो ख्वाबों में भी आते नही।
बरसात में परेशान चिड़िया सोचे,
गिरते घर में घोसला बनाते नही।
निकल जाते जो अंजान सफर पे,
वो मुसाफिर लौट के आते नही।
उसकी ख़ुशी में ही अपनी ख़ुशी,
"रैना" दिल को हम जलाते नही। रैना" 

सोमवार, 21 अगस्त 2017

दोस्तों बहुत दिनों बाद???
 आप के लिए कुछ खास

सरे महफ़िल में चर्चा यही है,
हसीं तुझ सा तो कोई नही है।
करें तारीफ़ तेरी दिवानें,
तुझी से नूर की गंग बही है।
करू मैं जो हुआ गल्त साबित,
करे तू जो वही तो सही है।
असर तेरा न हो जो किसी पे,
ऐसी शै तो न कोई बनी है।
तुझे पाना न आसान होता,
किसी ने बात ये सच कही है।
लगी रैना"तलब दीद करने,
ख़बर तुझको न हद ही करी है। रैना"


गुरुवार, 10 अगस्त 2017

दोस्तों के लिए खास पेशकश
ग़ज़ल
खैर मांगे तू ख़ुशी मेरे खुदा दे दे,
गम अगर देना जमाने से जुदा दे दे।
सांस लेना हो गया मुश्किल शहर में अब,
खोल खिड़की कुछ तो ताजा सी हवा दे दे।
छोड़ दुनिया अब  यहां से दूर जाना है,
बेसहारा शख्स को तू इक दुआ दे दे।
मौत के आसार बनते से जरा सोचो,
सुन तबीबों अब मुझे कोई दवा दे दे।
तू है मुन्सिफ हाथ तेरे जिन्दगी मेरी,
कर रहम हक में मेरे तू फैसला दे दे।
राह मुश्किल दूर मन्जिल हाल खस्ता है,
चैन मिल जाये कहे रैना"क़ज़ा दे दे। रैना""

सोमवार, 7 अगस्त 2017

शराबी बेटा बवाल करता,
बाप नेता संभाल करता,
बंद करो बेटी बचाओ अभियान,
कोई न बेटी का ख्याल करता। रैना"

रविवार, 6 अगस्त 2017

मित्रता दिवस पे ख़ास

भूले हुये वो यार फिर क्यों याद आते हैं,
वो याद आ कर दिल जलाते क्यों सताते है,
मेरे खुदा तू ही बता क्या दे सज़ा उनको,
जो यार की ही जिन्दगी दोज़ख बनाते हैं। रैना"          

शुक्रवार, 4 अगस्त 2017

दोस्तों की जय जय

दिल के बदले दिल का मिलना,
अब मुश्किल है गुल का खिलना।
उल्फत की राहों पे फिसलन,
चलना तो सम्भल के चलना।
बेशक तय उस नगरी जाना,
मस्ती से जी छोड़ो डरना।
रैना"की हसरत ये मकसद,
मरना है कुछ करके मरना। रैना"

बुधवार, 2 अगस्त 2017


दोस्तों देखना जी

मन्जिल तू ही साहिल है,
फिर क्यों भटके ये दिल है।
शिकवा तुझसे क्या करना,
सब कुछ तुम से हासिल है।
तेरे चर्चे महफ़िल में,
बेशक तू ही काबिल है।
हमने इतना जाना है,
तू जीवन में शामिल है।
अदला बदली कर सकता,
तुझको रुतबा हासिल है।
क्या ढूंढे बेगानों में,
अपना ही वो कातिल है।
कहते है ये जग वाले,
"रैना"सनकी पागल है। रैना"

सोमवार, 31 जुलाई 2017

दोस्तों कुछ ख़ास

जानता सब भला आदमी,
रास्ते कब चला आदमी।
दुःख सहे चुप रहे क्या करे,
आग में यूं जला आदमी।
दूर तक है नज़र दौड़ती,
भीड़ में कब मिला आदमी।
आंख हैरान थी जब खुली,
आदमी ने छला आदमी।
दूरिया कम नहीं बीच की,
आदमी से मिला आदमी।
अलविदा यार कह के चले,
कर गया यूं गिला आदमी।
है दुःखी घर बसा छोड़ कर,
फिर सफर पे चला आदमी।
रैन लाचार है क्या करे,
मतलबी हो गया आदमी। रैना"

रविवार, 30 जुलाई 2017

मिट्टी के घर को सजाया न गया,
खुद को ही खुद से बचाया न गया,
वादा किया था मगर याद न रहा,
महबूब से दिल लगाया न गया।रैना" 



गुरुवार, 27 जुलाई 2017

दोस्तों दिल से पढ़ना

अब चली ऐसी हवा देखो,
यार करते है दगा देखो।
इश्क भी जाहिल हुआ यारों,
हुस्न की जालिम अदा देखो।
पूछते है फ़रिश्तें अब तो,
है कहां मिलती वफ़ा देखो।
दर्द अपने ही तुझे देंगे,
ये जमाने की अदा देखो।
बन्दगी में जब लगे दिल है,
जिन्दगी में तब मज़ा देखो।
बाद मुद्दत भी नशे में है,
रिन्द होते हैं फ़ना देखो।
इश्क में हासिल जुदाई हो,
मौत ही "रैना"सजा देखो। रैना"" 

रविवार, 23 जुलाई 2017


देश भक्त चन्द्रशेखर आजाद को समर्पित

हर दिल में आबाद था आबाद ही रहा है,
चन्द्रशेखर आजाद था आजाद ही रहा है,
चम्मचों चापलूसों को नसीब हो कुर्सियां,
देश भक्त तो बरबाद था बरबाद ही रहा है। रैना"

गुरुवार, 20 जुलाई 2017

जिन्दगी से बड़ी सजा ही नहीं,
इस सजा से मगर गिला ही नहीं।
है यही दर्द 

शुक्रवार, 14 जुलाई 2017


शब्द सरिता आयोजन 61
गुरुवार 13-7-2017
विशिष्ट अतिथि आदरणीय प्रबोध मिश्र हितैषी सर जी
आ रतन राठौड़ जी
आ सोनिया गुप्ता जी 
आ वसुधा कनुप्रिया जी एवं मंच को प्रेषित
अरे भारत ! उठ ऑखे खोल,
रहा दुश्मन अब बाजूं तोल। 
जिक्र सारे जग में तेरा हो,
लगा अपने जीवन का मोल। 
निभा अपना वो वादा खास,
नहीं अच्छे अब लगते बोल।
रहे कायम बस तेरी याद,
निभा ऐसा तू कोई रोल। 
चले रैना जब बस्ती छोड़,
कहे सब था हीरा अनमोल। रैना"


गुरुवार, 13 जुलाई 2017


सो रहा तान कर क्यों भला किसलिये,
जोश जो था रगों में ढ़ला किसलिये,
वक़्त अब भी तेरा तू कदम तो बढ़ा,
तोड़ कर हौसला तू डरा किसलिये।नीलू"



बुधवार, 12 जुलाई 2017

देखो तो हम मजबूर होने लगे है,
जिनसे लगाई  दूर होने लगे है। रैना"

मंगलवार, 11 जुलाई 2017

वो गौर नहीं करते,
हम जोर नहीं करते,
है दर्द बहुत दिल में,
पर शोर नहीं करते।
हमराज हवा ठण्डी,
इस ओर नहीं करते।
ये इश्क सुना हमने,
कमजोर नहीं करते।
जो हाल किया तूने,
यूं चोर नहीं करते।
इस दौर के कवि रैना",
यूं बौर नहीं करते।रैना" 



दोस्तों गौर करना
दीप मन में जब जलेगें,
तब चमन में गुल खिलेगें।
राह मुश्किल ही नहीं है,
ठान कर जब हम चलेगें।
अब कदम चल ही दिये हैं,
जा मंजिल पे ही थमेंगें।
क्यों नसीबों से गिला है,
करम से ही सुख मिलेगें।
सोच रैना  रात होगी,
यार से मिल क्या कहेगें। रैना"

दोस्तों के लिए
तू खुद से मत धोखा करना,
अपने घर का मौका करना।
इस दिल भटके बाजारों में,
अच्छा इसको टोका करना
हिम्मत से जीवन निखरे है,
तू गम से समझौता करना।
रैना  किस्मत तो बदलेगी,
यूं दिल मत छोटा करना। रैना"

गुरुवार, 6 जुलाई 2017

रात भर रोने की सज़ा दे गया,
वो गमों को घर का पता दे गया,
लोग हैं गफ़लत में यहां के सरे,
कौन किसको क्यों है दगा दे गया। रैना"

मंगलवार, 4 जुलाई 2017



शब्द चुनौती आयोजन 60/मंगलवार/4जुलाई2017
विशिष्ट अतिथि आदरणीय Arun Sharma जी
आयोजन अध्यक्ष आदरणीया Rekha Joshi जी
आयोजन संचालक आदरणीय Vishal Narayan जी
एवं आदरणीया दी वसुधा कनुप्रिया जी तथा मंच को सादर निवेदित------------
प्रद्त शब्द--आपदा आपद विपत्ति आफत समानार्थी ।

यहां आफत वहां आफत बचेंगे हम भला कैसे,
बड़ी मुशिकल सी राहें है चलेंगे हम भला कैसे,
यही अफ़सोस रैना को तमन्ना फिर अधूरी है,
महेंदी नाम के रंग की रचेंगे हम भला कैसे। रैना"

रविवार, 2 जुलाई 2017

यही कुछ बोलते खण्डर ज़रा चलना संभल के तुम,
पड़े जब वक़्त की लाठी नहीं सालिम रहे कोई। रैना"

न रिश्तों से शिकायत है जमाना हो गया ऐसा,
ठिकाना दिल करे बदली नये इस दौर का फैशन।रैना"

गुरुवार, 29 जून 2017





मैं जग को दिल के दाग दिखा दूं कैसे,
खुद को तमाशा खूब बना दूं कैसे।
जो राज हमने दफन किया सीने में,
उस राज से परदा मैं उठा दूं कैसे।
बेपीर है वो तोड़ दिया दिल मेरा,
सिर उसके कदमों में मैं झुका दूं कैसे।
ये खत पुराने प्यार की दौलत यारों,
इनको भला खुद आग लगा दूं कैसे।
तुम बिन अधूरा ख्वाब मेरा जाने मन,
दिल पे छपी तस्वीर मिटा दूं कैसे।
रैना गिला उससे न शिकायत कोई,
कोई बताये उसको भुला दूं कैसे।रैना"




सोमवार, 26 जून 2017

जय जय दोस्तों 
आंसू हुये मोती बहाया न करो,
हर बात को दिल पे लगाया न करो।
फ़ितरत हुई ऐसी नमक छिड़के सभी,
यूं जख्म दिल के तुम दिखाया न करो।
गर ठान ले मन्जिल मिले शक ही नहीं,
अपने मनोबल को गिराया न करो।
हैं प्यार के भूखे कभी कुछ न कहे,
माँ बाप से नजरें चुराया न करो।
सब कुछ उसी का कुछ तेरा है ही नहीं,
यूं दाम अपने तुम लगाया न करो।
रैना"मिली है जिन्दगी कुछ तो करें,
हरपल हसीं है यूं गवाया न करो। रैना"8168587914 

सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ 

शुक्रवार, 23 जून 2017

आप ने विनती की स्वीकार,
मन से आभारी बारम्बार,
उससे दुआ हम यही करते है,
खुशहाल रहे सलिला परिवार।रैना"

गुरुवार, 22 जून 2017


 शब्द सरिता 
🌹आयोजन - 58
🌹गुरुवार - 22 जून, 2017
आयोजन अध्यक्ष आदरणीय विवेक शर्मा आस्तिक जी,
आयोजन संचालक प्रिय वसुधा कनुप्रिया एवं मंच को सादर सम्प्रेषित।

क्यों तेरे शहर में ऐसा हो रहा है,
कोई हंस रहा है कोई रो रहा है,
होगा दर्द तुझको भी मेरी तरह ही,
मैं कैसे कहूं चैन से तू सो रहा है। रैना"


बुधवार, 14 जून 2017

की जाती खूब ही अख़बार की बातें,
मगर सारी नहीं हैं एतबार की बातें।
सभी को ही लगे अच्छी जरा चट पट, 
तभी पेश हो चढ़ा के तकरार की बातें।रैना"






शनिवार, 10 जून 2017

तुम मिलो न मिलो तुम्हारी मर्जी,
तुम्हारी तस्वीर से रोज बात होती है। रैना"

रविवार, 4 जून 2017

तू अपने हिस्से किसी का निवाला न कर,
जला किसी का घर अपने उजाला न कर,
जो कहना तू मुंह पर ही कह देना "रैना"
पीठ पीछे किसी को गाली निकाला न कर। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ 

सोमवार, 29 मई 2017


वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ मुझको सदा ठिकाने की तलाश है,
तेरे दर आने को किसी बहाने की तलाश है,
तेरे कदमों में अब कटे मेरी बाकी की बची,
मस्त दीवाना गाता रहे तराने की तलाश है। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ 
वक़्त कोई तू कर मुकर्र अपनी भी बात हो,
जिंदगी की रात काली में कभी शुभ रात हो,
दर्द दिल का तुझको सुनायेगे तन्हा बैठ कर,
दुआ कर दिल से कभी जल्दी ही मुलाकात हो। रैना" 

रविवार, 28 मई 2017


खूब लगे मेरा दिल यूं फरियाद में,
वक़्त गुजर रहा है तेरी याद में,
इश्क नज़र करे दर्द सब बेअसर,
मौज मजा करेगा रैना बाद में। रैना"


सोमवार, 22 मई 2017

मेरे मन का कबूतर उड़ता नहीं,
कहां बैठे नहीं कोई मन खाली। रैना"

बुधवार, 17 मई 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय

मेरी माँ सहारा जब मिलता है,
तब मन का वो गुल खिलता है,
तीनों लोकों पे माँ का कर्म,
बिना माँ के न पत्ता हिलता है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ

शनिवार, 13 मई 2017

मातृ दिवस की सब को बधाई
जय जय माँ
माँ के दम से रोशन जहान देखा,
वर्ना भटक रहे होते अन्धेरे में। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरा गुलशन है गुलजार माँ तेरी कृपा से,
मोहे खुशियां मिली अपार माँ तेरी कृपा से,
भक्ति बख्शो माँ अब अपने चरणों की,
रैना"हो जाये भव से पार माँ तेरी कृपा से।रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ  

शुक्रवार, 12 मई 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
आ बैठे तेरे दर पे फ़क़ीर माँ,
बदले दे हमारी तकदीर माँ,
और कुछ भी चाहत नहीं है,
माँ में सजे तेरी तस्वीर माँ।रैना""
सुप्रभात जी ----जय जय माँ  

शनिवार, 6 मई 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
करू मैं क्या मेरी माता तेरा दीदार हो जाये,
गुजारिश मैं करू जो भी तुझे स्वीकार हो जाये,
यहां अब है नहीं कोई जिसे अपना कहे साथी,
जतन चाहे करो जितने सभी बेकार हो जाये। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 

बुधवार, 3 मई 2017


वैष्णो माँ की जय जय जय
क्यों खफ़ा हो माँ हमें मिले न सहारा,
दूर हमसे तो रहा सदा ही किनारा,
माँ गुजारिश सुन मेरा नसीब बदल दे,
देख ले आंखें मेरी हसीं वो नजारा। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ



सोमवार, 1 मई 2017

वैष्णो माँ की जय
मन के द्वारे खोल के,
जय जय माँ बोल के,
जीवन का उद्धार करो,
सब जीवों से प्यार करो।
जय जय माँ --------रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ 

मंगलवार, 25 अप्रैल 2017

वैष्णो माता की जय जय जय
हम भिखारी तेरे दर के माता,भक्तों पे उपकार करो,
श्रदा सुमन हम ले कर आये,भेंटा माँ स्वीकार करो,
जन्म जन्म के प्यासे हम,मन की प्यास बुझा दे माँ,
हसरत पूरी कर दे माता,इस बार मत इन्कार करो। रैना"
सुप्रभात जी ------------------------- जय जय माँ



मंगलवार, 11 अप्रैल 2017

हिन्दुत्त्व की बात चली है यह बात चला के रखो,
अपने मन में सनातन की ज्योत जला के रखो,
न झुका है न झुकेगा कभी ये हिन्दुत्त्व का झण्डा,
शर्त ये छोड़ो छुआछात सब को गले लगा के रखो। रैना" 
जय जय माँ जय जय माँ
भूल कर भी तुझे भूलना मुश्किल,
हर अदा कर रही है कहर दिल पे।
क्या कभी सामने आ के बैठे गा,
और कुछ तू सुनेगा कहेगा कुछ।
काश तुझको मेरा ख्याल आये जो,
रैन काली छटे चांदनी हो तब,
क्या कभी तू करेगा मेरे खातिर।
कर्म इतना मुझे तब सकूं मिलना।
ख़त्म तू कर अभी बीच की दूरी,
है तलब दीद की सुन मेरी विनती।
चैन रैना" तभी मिल सके  तुझको,
बैठ संग उसके कर चार वो बातें। रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ 

रविवार, 9 अप्रैल 2017

दिल के घर में फिर ज़िकर तेरा,
यूं रहे मुझको फ़िकर तेरा। 
ढूंढते फिरते नहीं मिलता,
ये बता घर है किधर तेरा। 
है गुमां मुझको भला कैसा,
तू बसे दिल में नगर तेरा। 
है नहीं कुछ भी मुझे हासिल,
जान तेरी है जिग़र तेरा।
है नहीं कोई सिवा तेरे,
हर शै पे काबिज़ असर तेरा। 
याद रैना"को न भूली है,
याद आये है शहर तेरा। रैना"



मंगलवार, 4 अप्रैल 2017

देखना दोस्तों
माफ़ मेरी तू सज़ा कर दे,
नाम मेरे अब क़ज़ा कर दे।
दर्द सहना हो रहा मुश्किल,
सुन तबीबो अब दवा कर दे।
बन्द दरवाज़े नही खुलते,
खोल खिड़की को हवा कर दे।
तू बसे मन में यकीं मुझको,
दोस्ती का हक़ अदा कर दे।
गम कहर करता रहा अक़्सर,
जिन्दगी को ख़ुशनुमा कर दे।
हो हकीकत ख़्वाब तेरा तब,
साथ खुद के जो वफ़ा कर दे।
फिर चिंता कोई न हो रैना"
गम को दिल से जो जुदा कर दे। रैना"

सोमवार, 3 अप्रैल 2017

महागौरी माँ रहमत तेरी महक रहा संसार माँ,
बरस रहा तेरा प्यार माँ तेरी जय जय कार माँ।
तेरी जय जय कार माँ------------------------
अष्टमी के दिन माँ अम्बे तेरा ध्यान लगाते है,
मन मन्दिर में करो बसेरा हम इतना चाहते है,
तेरे प्यारे भक्तों को अब दर्शन दो इक बार माँ।
तेरी जय जय कार माँ------------------------
पान सुपारी ध्वजा नारियल तेरी भेंट चढ़ाते है,
नौ कंजकों की पूजा हलवा पूरी भोग लगाते है,
मुफ़्लिस तेरे भक्त दीवाने भेंटा करो स्वीकार माँ।
तेरी जय जय कार माँ------------------------
तेरे दर पे खड़े भिखारी इतना सा हमें वर दे माँ,
हरपल तेरा ध्यान लगाये इतनी  कृपा कर दे माँ,
रैना की अब डोले है नईया भव से कर दो पार माँ।
 तेरी जय जय कार माँ-------------------रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ



रविवार, 2 अप्रैल 2017

जय जय माँ
कालरात्रि माँ सुखदानी,
भवतारणी कष्ट निदानी,
अंधेरे मन में करो सवेरा,
सातवें नवरात्रें में माता,
हम पूजन करते तेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
माँ विनती  स्वीकार करो।
न कोई ढोंग कर दिया समर्पण,
श्रदा सुमन हैं माँ तेरे अर्पण,
तेरे चरणों में माँ कालरात्रि,
हाथ जोड़ कर वंदन मेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
तेरे दर्श को माँ अखियां प्यासी,
दूर करो माँ मन की तड़फ उदासी,
हरपल तेरा ध्यान करू माँ,
मेरे मन में अब करो बसेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
माँ दुःख दर्द भरी है रैना"काली,
तेरे दर आये माँ भटके सवाली,
सुन ले माँ भक्तों की विनती,
दूर कर दो समस्त अन्धेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ



शुक्रवार, 31 मार्च 2017

गम भी कुछ सिखा जाते है,
गम शो केस में सजा के रखना।
पाक रिश्ता उससे है तेरा,
दिल तू उससे लगा के रखना।
तप के ही निखरता है सोना,
सुर्ख़ कर खुद को तपा के रखना 
भक्तों जय जय माँ
जय जय जय स्कन्ध माता,
भक्तों से माँ अटूट तेरा नाता,
तेरा भक्त न रहता परेशान माँ,
नित रखती बच्चों का ध्यान माँ।
तेरा भक्त न रहता --------------
पांचवा तेरा नवरात्रा माता,
माता मेरी ओ जगत विधाता,
जो भी माँ तेरा ध्यान लगाता,
मन चाहा फल सो जन पाता,
पूरा होत उसका अरमान माँ।
तेरा भक्त न रहता --------------
दयालु माँ जी तेरी अजब कहानी,
खाली लौटा न दर से कोई प्राणी,
माँ भक्तों की तूने कदर है जानी,
करो रैना"पे किरपा माँ अम्बे रानी,
कर दिया सब कुछ कुर्बान माँ।
तेरा भक्त न रहता -----------"रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ




जय जय माँ --------जय जय माँ

कुष्मांडा तेरी महिमा न्यारी,
जग कल्याणी माँ हितकारी,
तेरा हरपल ध्यान  लगाये,
सुन ले माँ इतनी अर्ज हमारी।
कुष्मांडा माँ तेरी ---------------
चतुर्थ रूप तेरा अति प्रभावी,
माँ अम्बे आदि अंत ओ भावी,
अष्ठभिवानी करती शेर सवारी। 
कुष्मांडा माँ तेरी ---------------
माँ तेरी किरपा बिन चैन न आवे,
मन का मयूरा बहुत ही दुःख पावे,
परेशान रहती है माँ रूह बेचारी।
कुष्मांडा माँ तेरी ---------------
घेरे रहती माँ मुझको उदासी,
तेरे दीद को माँ अखियां प्यासी,
हर पल माँ इंतजार है तुम्हारी।
कुष्मांडा माँ तेरी ---------रैना"
जय जय माँ --------जय जय माँ







बुधवार, 29 मार्च 2017

भक्तों जय जय माँ
माँ चंद्रघंटा भव तारणी, भक्तों के भाग्य संवारनी,
तेरे भक्तों की सुन ले पुकार माँ,
आ जा हो के शेर सवार माँ।
तेरे भक्तों की----------
दीन धर्म की हो रही हानि बढ़ रही परेशानी माँ,
नैतिकता का पतन हुआ स्वभू सिद्ध अज्ञानी माँ,
धर्म कमाई का साधन है,हो रहा घना तिरस्कार माँ।
तेरे भक्तों की----------
हर मन में है उठी दीवारे अब रिश्ते पीछे छूट गये,
प्रेम प्यार के मजबूत बन्धन थे वो भी अब टूट गये,
घर घर में घमासान सा हर दिन होती तकरार माँ।
तेरे भक्तों की----------
हाथ जोड़ करे विनती इक बार माँ अम्बे आ जाओ,
चारों तरफ फ़ैल गया अंधकार को माँ मिटा जाओ,
तड़फ रहे माँ तेरे बच्चें  विनती करो स्वीकार माँ।
तेरे भक्तों की-------------------------------"रैना"@@@@
सुप्रभात जी -------------------------जय जय माँ







मंगलवार, 28 मार्च 2017

जय जय माँ
द्वितिय ब्रह्मचारणी माता,
दयालू भव तारणी माता,
हमें बुद्धि बल दो ज्ञान माँ,
तेरे चरणों में रहे ध्यान माँ।
तेरे चरणों में ------------
नाम तेरा न कभी भुलाये,
नेक कर्म हम करते जाये,
हरगिज न करे अभिमान माँ।
तेरे चरणों में ------------
उलझन भरी जीवन की राहें,
जाये कहां कुछ समझ न आये,
अब कर दो राह आसान माँ
तेरे चरणों में ------------
दर्शन दो मोरी आँखें प्यासी,
कट जाये फिर लाख चौरासी,
रैना"का करो पूरा अरमान माँ।
तेरे चरणों में -------"रैना"
"सुप्रभात जी ---जय जय माँ

रविवार, 26 मार्च 2017


बहुत से हैं सपने सिलौने तुम्हारे,
कहां से मैं लाऊ खिलौने तुम्हारे। 
आप आप ख़ास दोस्तों के लिए

अरमान मेरे टूट कर चूर हो गये,
तुम खास मेरे क्यों भला दूर हो गये। 
हम बैठ कर तन्हा कभी सोचते यही,
क्यों किसलिये मासूम मगरूर हो गये। 
बरबाद हो कर भी मिला तोहफ़ा हमें,
सारे शहर में आज मशहूर हो गये। 
बेशक सियासतदान अपनी करे फ़िकर,
जलते हुये ये दीप बेनूर हो गये। 
रैना"यही है सोचता दीद हम करे,
हम इश्क़ में तेरे सनम हूर हो गये। रैना"copy @@@

शनिवार, 25 मार्च 2017

mere khas dosto ke liye
क्यों खफ़ा सा रहे लब हिला तो सही,
क्या खता है मेरी कुछ बता तो सही।
है धुंआ सा उठा फिर हवा सी चली,
आग दिल में लगी अब बुझा तो सही।
दीद की अब तलब है लगी ओ सनम,
मुख से चिलमन कभी तू हटा तो सही।
इश्क़ हासिल हुआ गर नसीबा भले,
तीर दिल पे मेरे तू चला तो सही।
साथ तेरे चले गर इनायत करे,
सो रहे हम हमें तू जगा तो सही।
भ्रम रैना क्यों हुआ है तुझे ये बता,
खुद को इन्सान पहले बना तो सही। रैना"copy@@



शुक्रवार, 24 मार्च 2017

दोस्तों आप के लिए खास
कभी सोचा नही हमने यहां किस काम आये हैं,
महज गिनती की चंद सांसें सिर्फ हम साथ लाये हैं,
मगर फिर भी गुमां करते परेशां से रहे अक्सर,
लगन उनकी लगी रहती जिन्होंने ज़ुल्म ढाये हैं। रैना"

बने श्री राम का मन्दिर ख़ुशी की बात हो जाये,

बसे भगवान घर अपने हसीं बरसात हो जाये,
खिलेगे फूल गुलशन में अगर बरसात हो जाये,


फटे फिर से नही अब तो वो पर्चा राम मन्दिर का,
लगा दो अब सिरे मोदी


सोमवार, 20 मार्च 2017


है जल तो आजकल,
गर हो न जल तो आज न कल।
जल जीवन जल बहार है,
जल के बिना सब बेकार है।
उसने रचा ये ऐसा संसार है,
जल की हर किसी को दरकार है।
जल है तो सांस है,
साँस है तो आस है,
आस है तो प्यास है,
प्यास बुझाने को जल ही ख़ास है।
लेकिन न समझ समझ न पाते है,
जल को हम बेवजह ही बहाते है।
जितने से नहाते उससे  ज्यादा फैलाते है।
समझ जाओ न जल को फैलाओ,
जितने की जरूरत उतना प्रयोग में लाओ।
गर तुम ऐसी समझदारी दिखाओगें,
जल नही तुम खुद को ही बचाओगें।
आओ हम मिलझुल अपना फर्ज निभाये,
व्यर्थ में न जल की एक बूंद भी बहाये,
खुद समझे औरों को भी समझाये।
जल है तो आज ,जल है तो कल है,
जल को बचाना समस्या का हल है।   रैना"





वैष्णो माता की जय जय जय
मेरे मन में उजाला करो मेरी माँ,
मेरा जीवन निराला करो मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ


हरियाणा सरकार द्वारा  पंचकूला में लगाए गए
 साहित्यकारों  के कुम्भ बारे मेरे निजी ख्याल
हरियाणा में तो पहली बार,
गम्भीर हुई है कोई सरकार,
मान दिया है सम्मान दिया,
गदगद  हो गये साहित्यकार।
वाह हरियाणा सरकार -------
साहित्यकारों का मेला अनोखा,
छोड़ी न कमी सत्कार किया चोखा,
नए सृजनकारों पे कर दिया उपकार।
वाह हरियाणा सरकार -------
किन्तु परन्तु न कोई भी क्यास है,
निःसन्देह यह तो सफल प्रयास है,
इस मेले के आयोजक प्रसंसा के हकदार।
वाह हरियाणा सरकार ----------


रविवार, 19 मार्च 2017


वैष्णो माता की जय जय जय
इशारा कर मेरी माता मुझे भी चैन मिल जाये,
कली जो मन की मुरझाई तेरी किरपा से खिल जाये,
लगे महरम तेरी ममता का बिगड़ी बात बन जाये,
रफू माँ प्यार से कर जख्म मेरे दिल का सिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------------------जय जय माँ 

बुधवार, 15 मार्च 2017

तू जमाने से जुदा सा लगे,
जान मेरी हो खुदा सा लगे।
इश्क तेरा तो नसीबा मेरा,
खैर मांगी तू दुआ सा लगे।
सांस चलती दम मेरा दम तेरा,
तू फ़िजा महकी हवा सा लगे।






रविवार, 12 मार्च 2017


बुरा न मानो होली है,बुरा न मानो होली है 
मोदी जी -----होली होली होली ??????
                     जनता मोरी  हो ली,
                     वोट के रंग से रंगा मोरो तन मन,
                      यू के यू पी मोरी हमझोली।
                       आओ मिल के खेले सब होली।
अखिलेश जी------हो ली हो ली हो ली ???????
                            मेरे साथ बुरी है हो ली,
                            छिन गई है कुर्सी मोरी,
                            जी करे  खा लू जहर की गोली,
                             सारी यू पी मोदी की हो ली,
                             बताओ कैसे खेलू होली।
राहुल  जी ------- होली होली होली ?????
                           हम न खेले होली,
                            तेरा कोई दोष नही है,
                            मेरी मम्मी ऐसा बोली,
                             तेरे बस की राजनीति नाही,
                             अब ले आ बबुआ डोली।
माया जी ------ हो ली हो ली हो ली,
                        जनता मुझ से दूर हो ली,
                        वोट दे गई मोदी को,
                         मोहे दे गई मिठ्ठी गोली,
                         मैं देवी देखो मेरी किस्मत,
                          गहरी नींद है सो ली। रैना"


                           


                     

शनिवार, 11 मार्च 2017

मेरी होली,
तेरी होली,
अब की होली,
 सब की होली 

मंगलवार, 7 मार्च 2017

हाल दिल का बुरा सा है,
हादसा जो हुआ सा है। 
क्या भरोसा करे बता,
जिन्दगी तो जुआ सा है। 
इसलिये हो रहा भला,
साथ माँ का दुआ सा है। 
याद तेरी दफ़न करी,
दिल मेरा तो कुआ सा है। 
इश्क की आग बुझ चुकी,
उठ रहा क्यों धुंआ सा है। 
चैन मन को मिले रैना"
नाम उसका दवा सा है। रैना"

सोमवार, 6 मार्च 2017

2 1  2  2  2 1  1  2  2
तू मेरे जीने का सबब है,
जां मेरी चाहे न तू रब है।
तोहफा सा इश्क मिला है,
पास मेरे खास वो सब है।
देर मत कर दीद की हसरत,
है लगी ये प्यास तो अब है।
याद भी फिर साथ ही रोये,
दिल में उठता दर्द वो जब है।
काश रैना मिलन हो जाये,
जो लिखा होना वो तो तब है। रैना"


रविवार, 5 मार्च 2017


पास रह के दूर रहने की अदा है,
बावफ़ा तू तो जमाने से जुदा है।
है तमन्ना चेहरा तेरा दिखा दे,
तू बता इतना कहां बैठा छुपा है।
एक है तू तेरे अनेकों नाम लेते,
राम कहता है कोई कहता खुदा है।
खूब जलवें हैं तेरे महके नजारे,
है चमन गुलजार महकी सी हवा है।
है गिला रैना"यही दिलबर खफ़ा है,
रास आती क्यों नही मांगी दुआ है। रैना"




शनिवार, 4 मार्च 2017

सिलसिला कब थमेगा तेरी याद का,
अब न होता असर अर्ज फरियाद का,
तोड़ कर दिल मेरा चल दिये क्यों सनम,
हाल अब है बुरा रैन बरबाद का। "रैना"

शुक्रवार, 3 मार्च 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ मेरी मन को मेरे रोशन उजाला कर दे.
भीड़ से बिलकुल अलग अब कुछ निराला कर दे,
उम्र भर प्यासे रहे सागर किनारे रैना"
मेरे नाम मेरी माँ नाम का प्याला कर दे। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ 

बुधवार, 1 मार्च 2017

घूंघट के पट खोल,
रूबरू हो के बोल,
हम तेरे आशिक ख़ास,
प्यार मेरा अनमोल। रैना"

सोमवार, 27 फ़रवरी 2017


तमन्ना है यही मेरी,तुझी से प्यार करना है,
मुझे वीरान गुलशन को गुले गुलजार करना है।
रहे तू साथ में हरदम,मगर फिर भी न बोले है,
हटा ले चेहरे से चिलमन,तेरा दीदार करना है।
मुझे तो है खबर इतनी,चले सांसें तेरे दम से,
फिदा हम हो गये तुझ पे,ये दिल बेकरार करना है।
मेरी हालत रहे ऐसी ,मै गांऊ गीत मस्ती में,
करेंगे साफ मन मन्दिर,रैना" इंतजार करना है। रैना"


रविवार, 26 फ़रवरी 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
भिखारी हम तेरे दर के हमें दीदार की हसरत,
जमाना देखता मतलब तेरे ही प्यार की हसरत,
बहुत भटके जमाने में नही कोई मिला अपना,
करो रहमत मेरी माता सुखी संसार की हसरत। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ 
बेकरार दिल करार ढूंढता है,
बदनसीब गुल बहार ढूंढता है।
लोग कर रहे तलाश जर यहां पे,
मन फ़क़ीर  का पियार ढूंढता है। "रैना"

गुरुवार, 23 फ़रवरी 2017

वैष्णो माता की जय जय जय
जय माँ वैष्णो जय माँ वैष्णो जय माँ वैष्णो,
करो किरपा माँ मेरी माँ वैष्णो रानी जय जय माँ।
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ 
गिला कैसे करे तुझसे, 
नही आसां तुझे मिलना,
इशारा हो अगर तेरा,
तभी तो है पत्ता हिलना।
हसीं तू खूबसूरत है,
यही कहते यहां सारे,
गुजारिश दीद की हसरत,
बता कब फूल ने खिलना।रैना"




रविवार, 19 फ़रवरी 2017


वैष्णो माँ की जय
चढ़े दिन याद तेरी न आये,
ढले जब शाम तो पछताये। रैना"
सुपभात जी --------जय जय माँ  

शनिवार, 18 फ़रवरी 2017

दिल के घर में खास हलचल सी है,
याद आती क्यों वो पागल सी है।
बावफ़ा है वो यही तो सच है,
यूं लगे वो मुझ में शामिल सी है। 
आग लग के बुझ गई है तो भी,
नैन बरसे होत कलकल सी है।
काश मिल जाये मुझे घर तेरा,
घर तेरा ही खूब मन्जिल सी है।
इश्क में हम को हुआ ये हासिल,
जा रही अब जान पल पल सी है।
मौज इतनी सोचना भी हसीं है,
ये जहां आबाद महफ़िल सी है।
जान रैना"जिन्दगी का मकसद,
क्या कहे दुनिया तो ग़ाफ़िल सी है। रैना"




शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2017

तू मिले जो बाग़ में बहार आये,
रूह है बेचैन को करार आये,
सुन कभी फरियाद तू सनम मेरा है,
काश हिस्से में तेरा पियार आये।
है ख़ुशी मुझको तलब तेरी रहे है,
ले शिकायत दर तेरे बिमार आये।
मैं गिला तुझसे करू तमाम लेकिन,
करम तेरा तो नज़र सौ बार आये।
गम ख़ुशी सी दे रहा अजीब रैना"
याद मुझको यार बार बार आये। रैना"
मेरा तुझसे कोई वास्ता नही है,
तुझ तक आने का रास्ता नही है,
तहरीर लिखी छोड़ी बहुत पहले,
यूं बिछुड़ना कोई हादसा नही है। रैना"

मन मन्दिर हो सकता ?????
गर उसमें नफरत न पलती हो। रैना"

वफ़ा की बात मत करना दगा अब आम होता है,
नही मिलती वफ़ा मुफ़्ती अजी तय दाम होता है,
लगी बहने गंगा उल्टी यही अब लोग करते हैं,
उसी का नाम चलता खास जो बदनाम होता है। रैना"


कलम के दीवाने चैन से सोते नही है,
आंखें बन्द कर के भी लफ़्ज खोजते रहते। रैना"




सच चुभे ही न पेट में 

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017



हमें आपका जो सहारा न होता
मुहब्बत का हमको नज़ारा न होता
अगर तुम न हो रहनुमा जो हमारे,
ज़माने में अपना गुज़ारा न होता
तेरी दोस्ती ग़र न होती जो हासिल,
अर्श पे चमकता सितारा न होता।
जले इश्क की आग में जो मरे हैं,
बेशक जन्म उनका दुबारा न होता। सदाकत की जो राह मुश्किल बड़ी है,
जमाने को सच तो गवारा न होता। 
न नीलू" कभी हो दुःखी इस तरह से,
अगर हमनवा ने यूं मारा न होता।नीलू"

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

करो रुसवा न दिल से यूं हमें दिल में तेरे रहना,
बनो तुम हमनवा मेरे यही है इल्तजा कहना,
करे मन्जूर हंस के हम रजा तेरी रखो जैसे,
किनारा मिल गया मुझको तेरे संग धार को बहना। रैना"

यही सच प्यार है कड़वा वफ़ा को ही सजा मिलती,
जमाना हो गया ऐसा न रोगी को दवा मिलती,
करे जो बात हक़ की है उसे सूली चढ़ा देते,
फ़साने हो गये झूठे मुहब्बत बेवफ़ा मिलती। रैना"
जिसे मिलने की चाहत है नही मिलता,
यही अफ़सोस रहता साथ में मेरे । रैना"
बेकरार है दिल करार ढूंढता,
बेहिसाब बेताब प्यार ढूंढता,

सोमवार, 6 फ़रवरी 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय जय जय
मेरी माँ मेहर कर तू मोहे लफ्जों का दे खजाना,
मैंने हरपल मेरी माता भजन लिखना और गाना,
बहुत भटक लिये है हम अब कुछ रास नही आये,
कर रैना"पे इतनी किरपा तेरे चरणों मिले ठिकाना। रैना"
सुप्रभात जी --------------------- जय जय जय माँ

कमी अपनी नही देखी तलाशा दोष औरों में,
यही फितरत इंसां की नाचते हैं चोर मोरों में,
शरीफों को न कोई पूछता  

रविवार, 5 फ़रवरी 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो महारानी माँ तेरा सहारा दे दे,
मझदार भटके उनको किनारा दे दे,
बैठ तेरे चरणों में तेरा गुणगान करे,
नाम की मस्ती चढ़े ऐसा नजारा दे दे।रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

तेरे पास से उठ के आती हूं,
मैं तो यार वही रह जाती हूं। 
साथ रहता पर खफ़ा सा है,
क्या कहू मेरा खुदा  सा है।
है हसीं तारीफ़ के काबिल,
वो जमाने से जुदा सा है।
मैं बिना उसके रहू कैसे,
सांस मेरी वो हवा सा है।


तुम याद  मत आया करो 
मिट्टी का जिक्र करे मिट्टी,
खुद का ही फ़िक्र करे मिट्टी। 
कुछ ख़ास  नही किया सोचा,
बस राज इधर उधर करे मिट्टी। रैना"

सोमवार, 30 जनवरी 2017

हाथ मिलते मगर दिल मिले ही नही,
फूल मुरझा गये है खिले ही नही। 


रविवार, 29 जनवरी 2017

साथ रहता गम ख़ुशी है दूर रहती,
है परेशां जिन्दगी मजबूर रहती, 
खेलती तो खेल किस्मत सच यही है,
बदनसीबों की गली मशहूर रहती। रैना" 





शनिवार, 28 जनवरी 2017


दोस्तों मेरी रचना खास आप के लिए

जरूरी देखना तुझको जरा चिलमन हटाओ तो,
मिले आराम दिल को फिर जरा तुम मुस्कराओ तो।
रहे तू साथ में मेरे मगर कुछ भी न बोले है,
तेरे अपने न बेगाने जरा हमको बुलाओ तो।
हुई वीरान सी गलियां बची रौनक न गोकुल में,
कहे राधा सुनो काना जरा मुरली बजाओ तो।
जमाने की अदा देखो दगा करते जफ़ा करते,
मुसाफिर राह से भटके वफ़ा करना सिखाओ तो।
गुजारिश कर रही दुनिया जिद्द अब छोड़ दो काना,
दुखी रैना"यही कहता तेरा जलवा दिखाओ तो। रैना"



गुरुवार, 26 जनवरी 2017


दोस्तों बहुत दिनों बाद इबादत करने बैठा
पेशे खिदमत है शायद पसन्द आये।

आग भड़के नीर से है बुझाना मुश्किल,
इश्क की बरसात में है नहाना मुश्किल।
रास आती ही नही है वफ़ा उल्फ़त को,
खुद जले उल्फ़त इसे है बचाना मुश्किल।
हर घड़ी बेचैन दिल ढूंढता दर उसका,
है यही अफ़सोस मिलना मिलाना मुश्किल।
इस चमन में गुल वफ़ा के नही हैं खिलते,
गर खिले तो महक से है निभाना मुश्किल।
राग ये आसान सा है लगे यूं लेकिन,
इश्क का गाना बड़ा ही तराना मुश्किल।
स्वाद मय का तो बुरा सा लगे है फिर भी,
जो लगे इक बार फिर तो छुड़ाना मुश्किल।
ख़्वाब टूटे लोग अक्सर सजा लेते हैं,
टूट कर बिखरा हुआ दिल सजाना मुश्किल।
काश "रैना" जान ले राज क्या जीवन का,
इस पहेली का समझ में है आना मुश्किल। रैना"


मंगलवार, 17 जनवरी 2017

यहां बहुत है तलवे चाटने वाले,
नेता बन जाओ चाहे अनपढ़ ही सही। रैना"

याद आ रहे है स्कूल के दिन,
मास्टर के बीमार होने की दुआ मांगते थे। रैना"

मासूम बचपन पंख लगा के उड़ गया,
जवानी बाज के जैसे फड़फड़ाती रही,
अब समझ आने  लगा राजे जिंदगी,
बुढ़ापा बूढ़े बैल के जैसे धीरे धीरे जा रहा। रैना"

शनिवार, 14 जनवरी 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ मेरी मुझे तेरी तलाश बहुत है,
भटक रहा हूं लगी प्यास बहुत है,
इक बार दर्शन दिखा दे मेरी माँ,
फ़िलहाल दिल मेरा उदास बहुत है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

शुक्रवार, 13 जनवरी 2017

जय जय वैष्णो माता जी
वैष्णो रानी जग कल्याणी,
बच्चों का उद्धार करती माँ,
भव सागर से पार करती माँ,
हाथ जोड़ के करू मैं विनती,
अब मेरा भी उद्धार करो,
डोल रही है डगमग कश्ती,
मईया इसको अब पार करो। "रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ



गुरुवार, 12 जनवरी 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ तेरे चरणों में जीवन बिताना है,
ये मेरे जीने का क्या खूब बहाना है,
गर मैं भटकू तो सीधे रस्ते चला देना,
भक्ति के रस्ते पे माँ तूने चलाना है। रैना"
सुप्रभात जी ------- जय जय माँ  

बुधवार, 11 जनवरी 2017

साथ रहता है मगर मिलता नही,
फूल मेरे मन का खिलता नही।
जख्म दिल पे है लगे हम क्या करे,
क्यों तबीबो जख्म वो सिलता नही। रैना"
तबीबो =डाक्टर


मुद्दते हो गई हम मिले ही नही,
फूल मुरझा गये है खिले ही नही।
अब वफ़ा से किनारा सभी ने किया,
बेवफ़ा से कोई अब गिले ही नही। 
खुद से रहती शिकायत कहे तो किसे,
जख्म दिल के हम से सिले ही नही। 
वो उम्र भर मेरे साथ रहते कैसे,
दो कदम साथ मेरे चले ही नही। 
हम कभी सुर्खरू हो न सकते रीनू,
वक़्त की आग में हम जले ही नही। रीनू"

मंगलवार, 10 जनवरी 2017

जय जय माँ वैष्णो महारानी जी
मेरे मन के घर में कर दो उजाला माता,
तू पिला दे अपने नाम का प्याला माता,
लगा दो मुझको भी लगन ध्यानु के जैसे,
मेरे जीने का अंदाज हो निराला माता। रैना"
सुप्रभात जी           -------जय जय माँ 

मात हमने गम से तो खाई नही,
रास हमको जिन्दगी आई नही,
मुद्दत हो गई है दिल को करार आये,
तरसती है आंखें काश वो बहार आये,
हम जानते है तुम तो रहते करीब मेरे,
फिर भी मेरे हिस्से न तेरा पियार आये।रैना"

मंगलवार, 3 जनवरी 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय
माँ वैष्णो रानी कर किरपा महारानी,
मैं तेरे गुण गाऊ,तेरा ध्यान लगाऊ,
जीवन सफल बनाऊ,भव से तर जाऊ।
जय जय माँ,जय जय माँ,जय जय माँ। रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ 

सोमवार, 2 जनवरी 2017

वैष्णो माता की जय जय जय

जिनको माँ का सहारा मिलता है,
उनको ही तो किनारा मिलता है,
जो माँ से दूर भटके वीराने में,
फिर उनको न नजारा मिलता है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ 

रविवार, 1 जनवरी 2017

दर्द दिल का हम सुनाये किसको,
अब सनम अपना बनाये किसको,
छोड़ देते साथ दिल के टुकड़े,
ख़्वाब में अपने सजाये किसको। रैना"










साफ नीयत तो हमारी है,
अर्श भेदन की तैयारी है,
सिर झुकाया ही नही हमने,
आम फांके में गुजारी है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
नही कुछ और चाहत माँ तेरे दर के भिखारी की,
तेरे दीदार की हसरत करो अरमान पूरा माँ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ