शनिवार, 28 जनवरी 2017


दोस्तों मेरी रचना खास आप के लिए

जरूरी देखना तुझको जरा चिलमन हटाओ तो,
मिले आराम दिल को फिर जरा तुम मुस्कराओ तो।
रहे तू साथ में मेरे मगर कुछ भी न बोले है,
तेरे अपने न बेगाने जरा हमको बुलाओ तो।
हुई वीरान सी गलियां बची रौनक न गोकुल में,
कहे राधा सुनो काना जरा मुरली बजाओ तो।
जमाने की अदा देखो दगा करते जफ़ा करते,
मुसाफिर राह से भटके वफ़ा करना सिखाओ तो।
गुजारिश कर रही दुनिया जिद्द अब छोड़ दो काना,
दुखी रैना"यही कहता तेरा जलवा दिखाओ तो। रैना"



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