वैष्णो माँ की जय जय जय
नही कुछ और चाहत माँ तेरे दर के भिखारी की,
तेरे दीदार की हसरत करो अरमान पूरा माँ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ
नही कुछ और चाहत माँ तेरे दर के भिखारी की,
तेरे दीदार की हसरत करो अरमान पूरा माँ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ
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