जय जय माँ
कालरात्रि माँ सुखदानी,
भवतारणी कष्ट निदानी,
अंधेरे मन में करो सवेरा,
सातवें नवरात्रें में माता,
हम पूजन करते तेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
माँ विनती स्वीकार करो।
न कोई ढोंग कर दिया समर्पण,
श्रदा सुमन हैं माँ तेरे अर्पण,
तेरे चरणों में माँ कालरात्रि,
हाथ जोड़ कर वंदन मेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
तेरे दर्श को माँ अखियां प्यासी,
दूर करो माँ मन की तड़फ उदासी,
हरपल तेरा ध्यान करू माँ,
मेरे मन में अब करो बसेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
माँ दुःख दर्द भरी है रैना"काली,
तेरे दर आये माँ भटके सवाली,
सुन ले माँ भक्तों की विनती,
दूर कर दो समस्त अन्धेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
कालरात्रि माँ सुखदानी,
भवतारणी कष्ट निदानी,
अंधेरे मन में करो सवेरा,
सातवें नवरात्रें में माता,
हम पूजन करते तेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
माँ विनती स्वीकार करो।
न कोई ढोंग कर दिया समर्पण,
श्रदा सुमन हैं माँ तेरे अर्पण,
तेरे चरणों में माँ कालरात्रि,
हाथ जोड़ कर वंदन मेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
तेरे दर्श को माँ अखियां प्यासी,
दूर करो माँ मन की तड़फ उदासी,
हरपल तेरा ध्यान करू माँ,
मेरे मन में अब करो बसेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----
माँ दुःख दर्द भरी है रैना"काली,
तेरे दर आये माँ भटके सवाली,
सुन ले माँ भक्तों की विनती,
दूर कर दो समस्त अन्धेरा।
स्वीकार करो, स्वीकार करो ----रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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