दोस्तों की जय जय
दिल के बदले दिल का मिलना,
अब मुश्किल है गुल का खिलना।
उल्फत की राहों पे फिसलन,
चलना तो सम्भल के चलना।
बेशक तय उस नगरी जाना,
मस्ती से जी छोड़ो डरना।
रैना"की हसरत ये मकसद,
मरना है कुछ करके मरना। रैना"
दिल के बदले दिल का मिलना,
अब मुश्किल है गुल का खिलना।
उल्फत की राहों पे फिसलन,
चलना तो सम्भल के चलना।
बेशक तय उस नगरी जाना,
मस्ती से जी छोड़ो डरना।
रैना"की हसरत ये मकसद,
मरना है कुछ करके मरना। रैना"
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