दोस्तों देखना जी
मन्जिल तू ही साहिल है,
फिर क्यों भटके ये दिल है।
शिकवा तुझसे क्या करना,
सब कुछ तुम से हासिल है।
तेरे चर्चे महफ़िल में,
बेशक तू ही काबिल है।
हमने इतना जाना है,
तू जीवन में शामिल है।
अदला बदली कर सकता,
तुझको रुतबा हासिल है।
क्या ढूंढे बेगानों में,
अपना ही वो कातिल है।
कहते है ये जग वाले,
"रैना"सनकी पागल है। रैना"
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