दोस्तों बहुत दिनों बाद???
आप के लिए कुछ खास
सरे महफ़िल में चर्चा यही है,
हसीं तुझ सा तो कोई नही है।
करें तारीफ़ तेरी दिवानें,
तुझी से नूर की गंग बही है।
करू मैं जो हुआ गल्त साबित,
करे तू जो वही तो सही है।
असर तेरा न हो जो किसी पे,
ऐसी शै तो न कोई बनी है।
तुझे पाना न आसान होता,
किसी ने बात ये सच कही है।
लगी रैना"तलब दीद करने,
ख़बर तुझको न हद ही करी है। रैना"
आप के लिए कुछ खास
सरे महफ़िल में चर्चा यही है,
हसीं तुझ सा तो कोई नही है।
करें तारीफ़ तेरी दिवानें,
तुझी से नूर की गंग बही है।
करू मैं जो हुआ गल्त साबित,
करे तू जो वही तो सही है।
असर तेरा न हो जो किसी पे,
ऐसी शै तो न कोई बनी है।
तुझे पाना न आसान होता,
किसी ने बात ये सच कही है।
लगी रैना"तलब दीद करने,
ख़बर तुझको न हद ही करी है। रैना"
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