बुधवार, 17 मई 2017

वैष्णो माँ की जय जय जय

मेरी माँ सहारा जब मिलता है,
तब मन का वो गुल खिलता है,
तीनों लोकों पे माँ का कर्म,
बिना माँ के न पत्ता हिलता है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ

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