वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ सहारा जब मिलता है,
तब मन का वो गुल खिलता है,
तीनों लोकों पे माँ का कर्म,
बिना माँ के न पत्ता हिलता है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
मेरी माँ सहारा जब मिलता है,
तब मन का वो गुल खिलता है,
तीनों लोकों पे माँ का कर्म,
बिना माँ के न पत्ता हिलता है। रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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