वक़्त कोई तू कर मुकर्र अपनी भी बात हो,
जिंदगी की रात काली में कभी शुभ रात हो,
दर्द दिल का तुझको सुनायेगे तन्हा बैठ कर,
दुआ कर दिल से कभी जल्दी ही मुलाकात हो। रैना"
जिंदगी की रात काली में कभी शुभ रात हो,
दर्द दिल का तुझको सुनायेगे तन्हा बैठ कर,
दुआ कर दिल से कभी जल्दी ही मुलाकात हो। रैना"
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