sufi tadka
बुधवार, 3 मई 2017
वैष्णो माँ की जय जय जय
क्यों खफ़ा हो माँ हमें मिले न सहारा,
दूर हमसे तो रहा सदा ही किनारा,
माँ गुजारिश सुन मेरा नसीब बदल दे,
देख ले आंखें मेरी हसीं वो नजारा। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ
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