शब्द सरिता आयोजन 61
गुरुवार 13-7-2017
विशिष्ट अतिथि आदरणीय प्रबोध मिश्र हितैषी सर जी
आ रतन राठौड़ जी
आ सोनिया गुप्ता जी
आ वसुधा कनुप्रिया जी एवं मंच को प्रेषित
गुरुवार 13-7-2017
विशिष्ट अतिथि आदरणीय प्रबोध मिश्र हितैषी सर जी
आ रतन राठौड़ जी
आ सोनिया गुप्ता जी
आ वसुधा कनुप्रिया जी एवं मंच को प्रेषित
अरे भारत ! उठ ऑखे खोल,
रहा दुश्मन अब बाजूं तोल।
जिक्र सारे जग में तेरा हो,
लगा अपने जीवन का मोल।
निभा अपना वो वादा खास,
नहीं अच्छे अब लगते बोल।
रहे कायम बस तेरी याद,
निभा ऐसा तू कोई रोल।
चले रैना जब बस्ती छोड़,
कहे सब था हीरा अनमोल। रैना"
रहा दुश्मन अब बाजूं तोल।
जिक्र सारे जग में तेरा हो,
लगा अपने जीवन का मोल।
निभा अपना वो वादा खास,
नहीं अच्छे अब लगते बोल।
रहे कायम बस तेरी याद,
निभा ऐसा तू कोई रोल।
चले रैना जब बस्ती छोड़,
कहे सब था हीरा अनमोल। रैना"
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