गुरुवार, 6 जुलाई 2017

रात भर रोने की सज़ा दे गया,
वो गमों को घर का पता दे गया,
लोग हैं गफ़लत में यहां के सरे,
कौन किसको क्यों है दगा दे गया। रैना"

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