sufi tadka
रविवार, 30 जुलाई 2017
मिट्टी के घर को सजाया न गया,
खुद को ही खुद से बचाया न गया,
वादा किया था मगर याद न रहा,
महबूब से दिल लगाया न गया।रैना"
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