sufi tadka
शनिवार, 4 मार्च 2017
सिलसिला कब थमेगा तेरी याद का,
अब न होता असर अर्ज फरियाद का,
तोड़ कर दिल मेरा चल दिये क्यों सनम,
हाल अब है बुरा रैन बरबाद का। "रैना"
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