शुक्रवार, 24 मार्च 2017

दोस्तों आप के लिए खास
कभी सोचा नही हमने यहां किस काम आये हैं,
महज गिनती की चंद सांसें सिर्फ हम साथ लाये हैं,
मगर फिर भी गुमां करते परेशां से रहे अक्सर,
लगन उनकी लगी रहती जिन्होंने ज़ुल्म ढाये हैं। रैना"

बने श्री राम का मन्दिर ख़ुशी की बात हो जाये,

बसे भगवान घर अपने हसीं बरसात हो जाये,
खिलेगे फूल गुलशन में अगर बरसात हो जाये,


फटे फिर से नही अब तो वो पर्चा राम मन्दिर का,
लगा दो अब सिरे मोदी


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