जय जय माँ
द्वितिय ब्रह्मचारणी माता,
दयालू भव तारणी माता,
हमें बुद्धि बल दो ज्ञान माँ,
तेरे चरणों में रहे ध्यान माँ।
तेरे चरणों में ------------
नाम तेरा न कभी भुलाये,
नेक कर्म हम करते जाये,
हरगिज न करे अभिमान माँ।
तेरे चरणों में ------------
उलझन भरी जीवन की राहें,
जाये कहां कुछ समझ न आये,
अब कर दो राह आसान माँ
तेरे चरणों में ------------
दर्शन दो मोरी आँखें प्यासी,
कट जाये फिर लाख चौरासी,
रैना"का करो पूरा अरमान माँ।
तेरे चरणों में -------"रैना"
"सुप्रभात जी ---जय जय माँ
द्वितिय ब्रह्मचारणी माता,
दयालू भव तारणी माता,
हमें बुद्धि बल दो ज्ञान माँ,
तेरे चरणों में रहे ध्यान माँ।
तेरे चरणों में ------------
नाम तेरा न कभी भुलाये,
नेक कर्म हम करते जाये,
हरगिज न करे अभिमान माँ।
तेरे चरणों में ------------
उलझन भरी जीवन की राहें,
जाये कहां कुछ समझ न आये,
अब कर दो राह आसान माँ
तेरे चरणों में ------------
दर्शन दो मोरी आँखें प्यासी,
कट जाये फिर लाख चौरासी,
रैना"का करो पूरा अरमान माँ।
तेरे चरणों में -------"रैना"
"सुप्रभात जी ---जय जय माँ
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