सोमवार, 6 मार्च 2017

2 1  2  2  2 1  1  2  2
तू मेरे जीने का सबब है,
जां मेरी चाहे न तू रब है।
तोहफा सा इश्क मिला है,
पास मेरे खास वो सब है।
देर मत कर दीद की हसरत,
है लगी ये प्यास तो अब है।
याद भी फिर साथ ही रोये,
दिल में उठता दर्द वो जब है।
काश रैना मिलन हो जाये,
जो लिखा होना वो तो तब है। रैना"


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें