शुक्रवार, 31 मार्च 2017

जय जय माँ --------जय जय माँ

कुष्मांडा तेरी महिमा न्यारी,
जग कल्याणी माँ हितकारी,
तेरा हरपल ध्यान  लगाये,
सुन ले माँ इतनी अर्ज हमारी।
कुष्मांडा माँ तेरी ---------------
चतुर्थ रूप तेरा अति प्रभावी,
माँ अम्बे आदि अंत ओ भावी,
अष्ठभिवानी करती शेर सवारी। 
कुष्मांडा माँ तेरी ---------------
माँ तेरी किरपा बिन चैन न आवे,
मन का मयूरा बहुत ही दुःख पावे,
परेशान रहती है माँ रूह बेचारी।
कुष्मांडा माँ तेरी ---------------
घेरे रहती माँ मुझको उदासी,
तेरे दीद को माँ अखियां प्यासी,
हर पल माँ इंतजार है तुम्हारी।
कुष्मांडा माँ तेरी ---------रैना"
जय जय माँ --------जय जय माँ







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