रविवार, 26 फ़रवरी 2017

बेकरार दिल करार ढूंढता है,
बदनसीब गुल बहार ढूंढता है।
लोग कर रहे तलाश जर यहां पे,
मन फ़क़ीर  का पियार ढूंढता है। "रैना"

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