वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय जय जय
मेरी माँ मेहर कर तू मोहे लफ्जों का दे खजाना,
मैंने हरपल मेरी माता भजन लिखना और गाना,
बहुत भटक लिये है हम अब कुछ रास नही आये,
कर रैना"पे इतनी किरपा तेरे चरणों मिले ठिकाना। रैना"
सुप्रभात जी --------------------- जय जय जय माँ
मेरी माँ मेहर कर तू मोहे लफ्जों का दे खजाना,
मैंने हरपल मेरी माता भजन लिखना और गाना,
बहुत भटक लिये है हम अब कुछ रास नही आये,
कर रैना"पे इतनी किरपा तेरे चरणों मिले ठिकाना। रैना"
सुप्रभात जी --------------------- जय जय जय माँ
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें