sufi tadka
बुधवार, 14 जून 2017
की जाती खूब ही अख़बार की बातें,
मगर सारी नहीं हैं एतबार की बातें।
सभी को ही लगे अच्छी जरा चट पट,
तभी पेश हो चढ़ा के तकरार की बातें।रैना"
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