मैं जग को दिल के दाग दिखा दूं कैसे,
खुद को तमाशा खूब बना दूं कैसे।
जो राज हमने दफन किया सीने में,
उस राज से परदा मैं उठा दूं कैसे।
बेपीर है वो तोड़ दिया दिल मेरा,
सिर उसके कदमों में मैं झुका दूं कैसे।
ये खत पुराने प्यार की दौलत यारों,
इनको भला खुद आग लगा दूं कैसे।
तुम बिन अधूरा ख्वाब मेरा जाने मन,
दिल पे छपी तस्वीर मिटा दूं कैसे।
रैना गिला उससे न शिकायत कोई,
कोई बताये उसको भुला दूं कैसे।रैना"
Lazabaav gazal
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