गुरुवार, 27 जून 2013

tpti dophri

तपती दोपहरी में गम सा कोई यार मिले
ये जरूरी नही प्यार के बदले प्यार मिले।
जलती है शमा कही तो जलते हैं परवानें,
जिसकी किस्मत में उसी को बहार मिले।
महिवाल की जिद्द गर मिलना सोहनी ने,
कर के हिम्मत दरिया के उस पार मिले।
तेज रफ्तार महंगाई ने अरमां कुचल डाले,
अधिकतर लोग सोचों में डूबे लाचार मिले।
देशभक्तों को पागल कहते ये जहान वाले,
गद्दारों चम्मचों को ही आदर सत्कार मिले।
गुमनाम"की इतनी सी गुजारिश है तुझसे,
गर मुझे कोई यार मिले तो दिलदार मिले।राजेन्द्र "गुमनाम"
सुप्रभात जी ........................जय जय मां


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