टूटा दिल लेकर जीये कैसे,
दर्द का घूंट हम पीये कैसे,
टूटा सामांन तो घर में रखा नही जाता,
जोड़े दिल को ऐसा फेविकोल नही आता।राजेन्द्र "गुमनाम"
दर्द का घूंट हम पीये कैसे,
टूटा सामांन तो घर में रखा नही जाता,
जोड़े दिल को ऐसा फेविकोल नही आता।राजेन्द्र "गुमनाम"
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