देश की मौजूदा हालात पर
लिखी व्यंग्य कविता सिर्फ
सच्चाई पर आधारित है
बोले मोनी बाबा बड़े ढंग से,
राहुल जी कुर्सी लो,
हम तो रहते दुखी बड़े तंग से,
राहुल जी कुर्सी लो।
चम्चागिरी की सारी हदे तोड़ दी,
इतिहास में नई लाइन जोड़ दी,
हम प्रधानमन्त्री है नंग से।
राहुल जी कुर्सी लो।
हमें तो न अब कोई काम दूजा है ,
सोनिया मइया की करनी पूजा है,
तुम डोर हो हम है पतंग से,
राहुल जी कुर्सी लो।
देश के लिए हमने बहुत काम किया है,
देखो भ्रष्टाचार का रिकार्ड बना दिया है,
दुनिया वाले भी हैं बड़े दंग से।
राहुल जी कुर्सी लो।
प्रधानमन्त्री जी कुछ तो ध्यान करो,
अपने पद का न इतना अपमान करो,
क्यों देश को लगे हो जंग से।
राहुल जी कुर्सी लो। ................राजेन्द्र "गुमनाम"
लिखी व्यंग्य कविता सिर्फ
सच्चाई पर आधारित है
बोले मोनी बाबा बड़े ढंग से,
राहुल जी कुर्सी लो,
हम तो रहते दुखी बड़े तंग से,
राहुल जी कुर्सी लो।
चम्चागिरी की सारी हदे तोड़ दी,
इतिहास में नई लाइन जोड़ दी,
हम प्रधानमन्त्री है नंग से।
राहुल जी कुर्सी लो।
हमें तो न अब कोई काम दूजा है ,
सोनिया मइया की करनी पूजा है,
तुम डोर हो हम है पतंग से,
राहुल जी कुर्सी लो।
देश के लिए हमने बहुत काम किया है,
देखो भ्रष्टाचार का रिकार्ड बना दिया है,
दुनिया वाले भी हैं बड़े दंग से।
राहुल जी कुर्सी लो।
प्रधानमन्त्री जी कुछ तो ध्यान करो,
अपने पद का न इतना अपमान करो,
क्यों देश को लगे हो जंग से।
राहुल जी कुर्सी लो। ................राजेन्द्र "गुमनाम"
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