जिन्दा लाश लिये भटके जिन्दगी दे दे ,
ये आखिरी ख्वाहिश तेरी बन्दगी दे दे।
बदला जमाना लोगों ने बदल हैं तेवर,
हम न बदले मेरे मौला तू सादगी दे दे।
मेरी जिन्दगी में अब अन्धेरा बहुत है,
हो तेरी रहमत इक किरण रौशनी दे दे।
मैं अपने बच्चे दिल को समझा लू गा,
मेरे हाथों मैं अब तू इक फुलझड़ी दे दे।
गुमनाम"को सरेआम होने की हसरत,
मेरी कलम को पैनापन ताजगी दे दे।"राजेन्द्र गुमनाम"
फस जाते लोग अक्सर बातों के जाल में,
पछताते हैं बहुत जब रास्ता नही मिलता।"रैना"
यहां कोई नही सहारा किसी का,
खुद ही खुद का बनना पड़ता है।"राजेन्द्र गुमनाम"
बेशक यहां कोई झूठ नही बोलता,
फिर भी विश्वास नाप तोल के करो।"राजेन्द्र गुमनाम"
ये आखिरी ख्वाहिश तेरी बन्दगी दे दे।
बदला जमाना लोगों ने बदल हैं तेवर,
हम न बदले मेरे मौला तू सादगी दे दे।
मेरी जिन्दगी में अब अन्धेरा बहुत है,
हो तेरी रहमत इक किरण रौशनी दे दे।
मैं अपने बच्चे दिल को समझा लू गा,
मेरे हाथों मैं अब तू इक फुलझड़ी दे दे।
गुमनाम"को सरेआम होने की हसरत,
मेरी कलम को पैनापन ताजगी दे दे।"राजेन्द्र गुमनाम"
फस जाते लोग अक्सर बातों के जाल में,
पछताते हैं बहुत जब रास्ता नही मिलता।"रैना"
यहां कोई नही सहारा किसी का,
खुद ही खुद का बनना पड़ता है।"राजेन्द्र गुमनाम"
बेशक यहां कोई झूठ नही बोलता,
फिर भी विश्वास नाप तोल के करो।"राजेन्द्र गुमनाम"
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