बुधवार, 26 जून 2013

royega bahut muskrane ke

दोस्तों मेरे दिल का ???
टुकड़ा आप को कैसा लगा

रोयेगा बहुत मुस्कराने के बाद,
आयेगी याद मेरी जाने के बाद।
यूं तो दर्द का अहसास नही होता,
तडफे इन्सां जहर खाने के बाद।
हंस के तोड़ दिया तूने रिश्ता,
पछताये गा खत जलाने के बाद।
बिछुड़े आशिक मर मर के जीते,
सावन का महीना आने के बाद।

दो बार मौत से मुलाकात हुई है,
तेरे आने के इक तेरे जाने के बाद।
गुमनाम"को कोई शिकवा नही,
वैसे तूने मारा है बचाने के बाद।राजिन्द्र "गुमनाम"

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