दोस्तों हाथ रुक नही रहे लिखता जा रहा हूं
स्वीकार करे ये रचना
जाने वाला दे गया आंखों का पानी,
मेरे लिये तोहफा दोस्त की निशानी।
जिस हाल में रखे ये तो उसकी मर्जी,
नाम उसके ही कर दी मैंने जिंदगानी।
इश्क में दिल पे कोई जोर नही चलता,
गलियों में नाचती फिरे मीरा दीवानी।
हर तरफ नज़र आते हैं हसीन जलवें,
झूम के चढ़ती जब बेपरवाह जवानी।
बस इक यही तो तमन्ना हसरत मेरी,
आशिक"गुमनाम"की बने कोई कहानी।"राजेन्द्र गुमनाम"
स्वीकार करे ये रचना
जाने वाला दे गया आंखों का पानी,
मेरे लिये तोहफा दोस्त की निशानी।
जिस हाल में रखे ये तो उसकी मर्जी,
नाम उसके ही कर दी मैंने जिंदगानी।
इश्क में दिल पे कोई जोर नही चलता,
गलियों में नाचती फिरे मीरा दीवानी।
हर तरफ नज़र आते हैं हसीन जलवें,
झूम के चढ़ती जब बेपरवाह जवानी।
बस इक यही तो तमन्ना हसरत मेरी,
आशिक"गुमनाम"की बने कोई कहानी।"राजेन्द्र गुमनाम"
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