काश ऐसी मेरि ये तकदीर हो जाये,
हम मिले तुझसे ऐसी तदबीर हो जाये,
तू मेरी तकदीर बदल सकता था,
हाथों की लकीर बदल सकता था,
गर तूने "गुमनाम" बचाना होता,
फिर तो शम्शीर बदल सकता था।"गुमनाम"
हम से अंदाज बदला न गया,
तुम से रिवाज बदला न गया,
दुनिया ने सब कुछ बदल डाला,
उल्फत का मिजाज बदला न गया।गुमनाम"
हम मिले तुझसे ऐसी तदबीर हो जाये,
तू मेरी तकदीर बदल सकता था,
हाथों की लकीर बदल सकता था,
गर तूने "गुमनाम" बचाना होता,
फिर तो शम्शीर बदल सकता था।"गुमनाम"
हम से अंदाज बदला न गया,
तुम से रिवाज बदला न गया,
दुनिया ने सब कुछ बदल डाला,
उल्फत का मिजाज बदला न गया।गुमनाम"
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